मान्यवर साहब कांशीराम के विचारों को समाज में स्थापित करने गीत लिखता हूं – पुनी राम खुंटे बहुजन गायक
बहुजन गायक पुनीराम खुंटे से आई एन एन-24 संवाददाता उदय मधुकर की खास बातचीत

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती : बहुजन समाज के लिए आज का दिन बहुत बड़ा और अतिमहत्वपूर्ण है। बड़ा दिन इसलिए क्योंकि आज के ही दिन साल 2006 में मान्यवर साहब कांशीराम जी महापरिनिर्वाण को प्राप्त हुए थे और अतिमहत्वपूर्ण इसलिए कि आज के दिन भारतवर्ष में बहुजन समाज के करोड़ों लोग मान्यवर साहब कांशीराम को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके बहुजन विचारधारा को आत्मसात कर चलने का संकल्प लेते हैं। आज इस मौके पर उनके विचारों को शब्दों में पिरोकर गीतों के माध्यम से बहुजन समाज में लोगों के बीच ले जाने वाले बहुजन गायक पुनी राम खुंटे से हमारे संवाददाता उदय मधुकर ने विशेष बातचीत की । बात करें सक्ती जिले की जैजैपुर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरदीडीह निवासी बहुजन गायक पुनीराम खुंटे की तो उनका जीवन मान्यवर साहब कांशीराम के विचारों को गीतों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने के लिए समर्पित रहा है।
उन्होंने सैकड़ों गीतों की रचना खुद की है और विभिन्न कार्यक्रमों में उन गीतों की प्रस्तुति देकर वाहवाही भी बटोरी है। उनके लिखे प्रसिद्ध गीतों की बात करें तो उनमें भीम जो न होते , नई भूलय कभु तोला बहुजन समाज, पिछड़ा वर्ग दलित सुन ले, छत्तीसगढ़ के पावन भुईयां, सोए हुए बहुजनों को जिसने जगाया, जाति तोड़ो समाज जोड़ों, अब जाग उठो मेरे बहुजन प्रमुख रूप से लोगों के जुबां पर नजर आ जाते हैं। वर्तमान में हृदय की बीमारी से जूझ रहे बहुजन गायक पुनी राम खुंटे ने बताया कि उनकी चाहत बहन मायावती को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखने की है।
बहुजन गायक पुनी राम खुंटे ने बताया कि मान्यवर साहब को पहली बार उन्होंने खम्हरिया में आयोजित भजन मेला में देखा था। जहां पर उन्होंने मान्यवर साहब को सुना और फिर वो हमेशा के लिए उन्हीं के हो गए। मान्यवर साहब के विचारों ने उन्हें आंदोलित किया और फिर उन्होंने उनके विचारों को शब्दों में पिरोकर गीतों के माध्यम से बहुजन समाज में लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कक्षा 9वीं तक पढ़े पुनीराम खुंटे के शब्दों ने गीतों का रूप देकर लोगों को बहुजन विचारधारा से जुड़कर उसे आत्मसात करने को प्रेरित किया है। आज मान्यवर साहब को उनके 19 वीं पुण्यतिथि पर उन्होंने अपनी श्रद्धांजलि देते हुए बहुजन समाज के लोगों से उनके विचारों को आत्मसात कर जीवनपथ में आगे बढ़ते हुए इस देश का हुक्मरान समाज बनने की बात कही है।





