कटघोरा: मैं राजनितिक शख्स नहीं.. नहीं दूंगा राजनितिक बयान.. हम सबका सपना था कृषि महाविद्यालय.. केंद्र सरकार डाल रही धान खरीदी में अड़ंगा. || INN24

कटघोरा: मैं राजनितिक शख्स नहीं.. नहीं दूंगा राजनितिक बयान.. हम सबका सपना था कृषि महाविद्यालय.. केंद्र सरकार डाल रही धान खरीदी में अड़ंगा.

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कार्यक्रम के आखिर में वह पत्रकारों से भी रूबरू हुए और उनके सवालों का जवाब भी दिया.

राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के बयान की केंद्र को खनिज संसाधन के लिए किसानो का धान भी खरीदना होगा. इसपर प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा की वह राजनीतिक व्यक्ति नहीं है इसलिए वह इस पर किसी तरह का बयान नहीं देंगे. डॉ महंत ने कहा की धान खरीदी के मूल्य को लेकर किसी को कोई परेशानी नहीं है और अगर है तो राज्य सरकार उन परेशानियों को कम कर रही है. डॉ महंत ने इन सबके अलावा कई दुसरे मुद्दों पर पत्रकारों के सवालों का बेबाकी से जवाब दिया.

दरअसल विस अध्यक्ष आज कटघोरा पहुंचे हुए थे. वह वहां कृषि महाविद्यालय के लोकार्पण के आयोजन में पहुंचे थे. उनके साथ पूर्व क्षेत्रीय विधायक बोधराम कंवर, विधायक कटघोरा पुरषोत्तम कंवर, पाली-तानाखार के विधायक मोहितराम केरकेट्टा और डॉ महंत की पत्नी व् कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत भी मौजूद थी. महाविद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम के बाद उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण द्वारा आयोजित युवा महोत्सव में भी हिस्सा लिया.


डॉ महंत ने कहा कटघोरा में कृषि महाविद्यालय सिर्फ उनका ही नहीं बल्कि कांग्रेस के सभी नेताओ और इलाके के जनप्रतिनिधियों का सपना था. उनकी कल्पना थी की क्षेत्र के किसानो के बच्चे जो की कृषि आधारित ज्ञान अर्जित करना चाहते है उन्हें अध्ययन के लिए बाहर जाना न पड़े.


डॉ महंत ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा की प्रदेश में छत्तीगढ़ियो की ही सरकार है इसलिए आज हर नेता छत्तीसगढ़ी में भाषण दे रहा है और साथ ही साथ छत्तीसगढ़ी परम्परा को कार्यक्रमों के माध्यम से आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है.


धान खरीदी के मसले में उन्होंने केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की. डॉ महंत ने कहा की प्रदेश सरकार ने 25 सौ रूपये में धान खरीदने का संकल्प लिया था और वह लेकर रहेगी. और सरकार अपने इस फैसले पर अमल न कर पाए इसलिए केंद्र द्वारा अड़ंगा डाला जा रहा है. यह उचित नहीं है. यहाँ के किसानो को अगर उनकी उपज के बदले 25 सौ रूपये दिया जा रहा है तो इससे किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए. और अगर परेशानी है तो दोनों सरकार इसे आधा कर लेंगी. उन्होंने कहा की जो हो जाए. प्रदेश की सरकार किसानो के धान के लिए जो दाम तय किया है वह उन्हें देकर रहेगी चाहे कुछ भी हो जाए. 

डॉ महंत से पूछा गया की जिले के साथ ही प्रदेश भर के खनिज संसाधनों पर तस्करो की नजर है. संसाधनों का दोहन भी हो रहा है. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा की अफसरों को इस और ध्यान देने की आवश्यकता है. साथ ही हम नागरिको को भी जागरूक होने की जरूरत है. क्योकि चोरी करने और कराने वाले दोनों उनके ही है.

महेंद्र सिंह inn24

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