सरकार की नई सौगात.. अब गेहूँ और चने की खेती की होगी बीमा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का हुआ लोकार्पण. || INN24

सरकार की नई सौगात.. अब गेहूँ और चने की खेती की होगी बीमा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का हुआ लोकार्पण.

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गेहूॅं सिंचित, असिंचित, राई-सरसों, अलसी और चना फसलों का होगा बीमा, फसल के लिये 14 हजार रूपये का बीमा केवल 210 रूपये कृषक प्रीमियम अंश राशि पर होगा। इसी प्रकार किसान अलसी, राई-सरसों की एक हेक्टेयर फसल के लिये 17 हजार रूपये का बीमा 255 रूपये देकर करा सकेंगे। उपसंचालक ने बताया कि गेहूॅं की एक हेक्टयर सिंचित फसल के लिये 13 हजार रूपये का बीमा 195 रूपये कृषक अंश राशि पर होगा।

छग/कोरबा: चालू रबी मौसम में कोरबा जिले के किसान अपनी फसलों का बीमा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत् करा सकेंगे। मौसम की खराबी, सूखा, बाढ़, कीटव्याधी से लेकर फसल काटने के बाद फसल में होने वाले नुकसान की भरपायी के लिये जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी गई है। योजना के तहत् सहकारी समितियों या बैंकों से ऋण लेकर खेती करने वाले किसानों की फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से किया जायेगा। जबकि गैर ऋणी किसान अपनी इच्छा के आधार पर फसल बीमा करा सकेंगे। फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2019 निर्धारित की गई है। 


योजना के विषय में उपसंचालक कृषि श्यामकुंवर ने बताया कि कोरबा जिले में चना की एक हेक्टेयर फसल के लिये 14 हजार रूपये का बीमा केवल 210 रूपये कृषक प्रीमियम अंश राशि पर होगा। इसी प्रकार किसान अलसी, राई-सरसों की एक हेक्टेयर फसल के लिये 17 हजार रूपये का बीमा 255 रूपये देकर करा सकेंगे। उपसंचालक ने बताया कि गेहूॅं की एक हेक्टयर सिंचित फसल के लिये 13 हजार रूपये का बीमा 195 रूपये कृषक अंश राशि पर होगा। 

गेहूॅं की असिंचित फसल के एक हेक्टेयर रकबे का 10 हजार रूपये का बीमा डेढ़ सौ रूपये देकर किसान करा सकेंगे। उप संचालक ने बताया कि चालू रबी मौसम में फसलों के बीमा की इकाई गांव होगी। एक गांव में बीमा के लिये अधिसूचित फसलों का रकबा न्यूनतम दस हेक्टेयर या उससे अधिक होने पर उस फसल को अधिसूचित किया जा सकेगा। खेती के लिये चालू रबी मौसम में सहकारी समितियों या बैंकों  से कर्ज लेने वाले किसानों को फसलों का बीमा कराना अनिवार्य होगा। गैर ऋणी किसान फसलों के रकबे और बुआई करने संबंधी पटवारी या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के सत्यापन प्रमाण पत्र से फसलों का बीमा करा सकेंगे।

उप संचालक ने बताया कि इस वर्ष रबी मौसम में कोरबा जिले के किसान अपनी कृषि भूमि का बी-1 खसरा, ऋण पुस्तिका की छायाप्रति, आवेदन पत्र, बैंक पासबुक, आधार कार्ड की छायाप्रति और फसल बुआई का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर फसलों का बीमा करा सकते हैं। फसलों का बीमा विकासखण्ड स्तर पर संचालित सभी बैंकों और सहकारी समितियों में किया जा रहा है।  श्याम कुंवर ने बताया कि बीमीत क्षेत्र में कम वर्षा, प्रतिकूल मौसम दशाओं के कारण फसलों के बोने या रोपाई नहीं कर पाने की दषा में भी किसानों को क्षतिपूर्ति मिल सकेगी। खड़ी फसल में सूखा, बाढ़, पानी भरने, कीटव्याधी, भू-स्खलन, प्राकृतिक अग्नि दुर्घटनाओं, आकाषिय बिजली गिरने, तूफान, ओला वृष्टि, चक्रवात, बवण्डर, आंधी आदि के कारण भी फसल को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति इस बीमा योजना में शामिल की गई है। श्री श्याम कुंवर ने बताया कि फसल कटाई के बाद खेतों-खलिहानों में रखी फसलों में दो सप्ताह तक चक्रवाती बारिष या बेमौसम पानी गिरने से होने वाले नुकसान पर भी क्षतिपूर्ति किसानों को मिल सकेगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत् युद्ध, नाभिकीय जोखिम से होने वाली हानियों, दुर्भावना जनित क्षतियों आदि को शामिल नहीं किया गया है।

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