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नक्सलवाद के खात्मे की ओर छत्तीसगढ़, लोकसभा में जवानों की बहादुरी को मिली शाबाशी

रायपुर/दिल्ली : लोकसभा में देश को वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा हो रही है। यह चर्चा नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार की दी गई 31 मार्च की समय सीमा समाप्त होने से एक दिन पहले हो रही है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ भाजपा सरकार की ओर से चलाए गए अभियानों और विकास कार्यों की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मवाद बन चुके माओवाद को सर्जिकल तरीके से समाप्त करने का काम किया गया है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ की जनता हमेशा आभारी रहेगी। पांडेय ने कहा कि 2010 में जब 76 जवान शहीद हुए तो JNU में जश्न मनाया गया।

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एक समय ऐसा था जब देश की सीमाओं से अधिक हत्याएं छत्तीसगढ़ में होती थीं, लेकिन अब स्थिति में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने धुरंधर की तरह नक्सलवाद के खात्मे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सांसद ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने बस्तर क्षेत्र में विकास का एक नया मॉडल स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं, जिनमें 12 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण शामिल है।

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ओडिशा के पुरी से भाजपा सांसद संबित पात्रा ने इसी मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश ने “रेड कॉरिडोर से ग्रोथ कॉरिडोर” तक का सफर तय किया है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों ने इस समस्या को लंबे समय तक बनाए रखा।पात्रा ने अपने संबोधन में लेखिका अरुंधति रॉय के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने नक्सलियों को “गांधियंस विद गन” बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर नक्सलवाद को लेकर दोहरी विचारधारा रही और केवल “लिप सर्विस” दी जाती रही, जबकि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने अप्रैल 2010 में 76 CRPF जवानों के शहीद होने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय की सरकार नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाई। साथ ही, नवंबर 2013 में तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर शपथ पत्र का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को “अर्बन नक्सल” की जानकारी थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (NAC) में “अर्बन नक्सल” से जुड़े लोग शामिल थे।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026