छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने वाले बिल को मंजूरी, ग्रुप C और D की भर्तियों का रास्ता साफ
कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी, जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन पर लगेगी सख्त रोक

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित विधानसभा परिसर में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में राज्य के प्रशासनिक, विधायी और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस दौरान कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के प्रारूप (ड्राफ़्ट) को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में किसी भी व्यक्ति को जबरदस्ती, बल प्रयोग, लालच, कपटपूर्ण तरीके, अनुचित प्रभाव या गलत जानकारी के माध्यम से धर्म परिवर्तन करने के लिए बाध्य किए जाने पर प्रभावी रोक लगाना है।
इस बिल को विधानसभा के चल रहे बजट सेशन में पेश किए जाने की उम्मीद है। अभी, राज्य में छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम (धर्म की आज़ादी का एक्ट), 1968 लागू है, जो 1 नवंबर, 2000 को बना था। बैठक के बारे में जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि कैबिनेट ने मंत्रिमंडलीय उप-कमेटी की अनुशंसा पर राजनीतिक विरोध से जुड़े 13 केस वापस लेने को भी मंजूरी दे दी है।
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सोलर हाई मास्ट लाइट के लिए सब्सिडी की भी घोषणा
बैठक में अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुदान दरों के निर्धारण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (CREDA) द्वारा सोलर हाईमास्ट संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1.50 लाख रुपए का राज्य सब्सिडी दी जाएगी। वहीं वर्ष 2026-27 से निविदा दर का 30 प्रतिशत या अधिकतम 1.50 लाख रुपए (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा घरेलू बायोगैस संयंत्र के लिए 2 से 6 घन मीटर क्षमता तक वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र तथा वर्ष 2026-27 से सभी क्षमताओं के लिए समान अनुदान प्रस्तावित किया गया है।
अतिरिक्त उपकर शुल्क समाप्त किया गया
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी। इस निर्णय के तहत पंजीयन पर लगने वाला अतिरिक्त उपकर शुल्क समाप्त कर दिया जाएगा। यह उपकर वर्ष 2023 में राजीव गांधी मिटन क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए लगाया गया था, जो वर्तमान में संचालित नहीं है।
तकनीकी व गैर-तकनीकी भर्ती को भी दी मंजूरी
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 (संशोधन) विधेयक 2026, तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दे दी। प्रस्तावित कर्मचारी चयन मंडल राज्य शासन के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी (ग्रुप सी व डी) की भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित करेगा और उम्मीदवारों का चयन करेगा।
बैठक में लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी गई, जिसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
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मंत्रिपरिषद ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया। इस भूमि पर अत्याधुनिक क्रिकेट मैदान और क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा।
इसके अलावा साल 2023 में, उस समय की कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई राजीव गांधी मितान क्लब स्कीम को फ़ाइनेंस करने के लिए प्रॉपर्टी ट्रांसफ़र पर लागू स्टाम्प ड्यूटी के अलावा 12 प्रतिशत का अतिरिक्त सेस लगाया गया था। साओ ने कहा कि चूंकि यह स्कीम अभी चालू नहीं है, इसलिए रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले एक्स्ट्रा सेस को हटाने का फ़ैसला किया गया है।






