कूचेना लक्ष्मण नाला बायपास रोड पर भारी वाहन चलाने की तैयारी, विरोध में उतरे पालिका के दर्जनों पार्षद..चक्काजाम की चेतावनी…
सतपाल सिंह की खबर
कूचेना लक्ष्मण नाला बायपास रोड पर भारी वाहन चलाने की तैयारी, विरोध में उतरे पालिका के दर्जनों पार्षद..चक्काजाम की चेतावनी…

कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत कुचेना लक्ष्मण नाला बायपास मार्ग पर भारी वाहन चलाने की तैयारियों को लेकर नगर पालिका बांकी मोंगरा के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। वार्ड 22 की पार्षद आशा साहू ने कुसमुंडा प्रबंधन को इसका जिम्मेदार मानते हुए पत्र लिखा है, उनका कहना है कि 30 गांव कि निस्तारी, कोरबा जाने वाली एक मात्र बाय पास सडक कुचेना लक्ष्मण नाला आदर्श नगर कुसमुण्डा को आम लोगो से छिन्ने और उसमे भारी भरकम कोयला गाडी चलाने के सम्बंध में तत्काल प्रभाव से रोक लगाया जाए। आदर्श नगर लक्ष्मण नाला बाय पास सडक मे 30 गांव (शान्ति नगर आदर्श नगर, चुनचुनी, गेवरा बस्ती, बरपाली, धरमपुर, नराईबोध, भिलाईबजार, सलोरा, केशला, बरभाठा, छिन्दपुर, मुडियानार, दर्श, नावांगांव, मुढाली. मोहरीयामुडा, कटशिरा, भर्राकुडा, महुआडिह, खोडरी, रिस्दी, आमगांव, बाता, घनाडबरी, जपेली, भलपहरी, बिरदा, गुमिया पडरीपानी) के लोगो का कोरबा जाने के लिए एक मात्र सडक है क्योकि रेल्वे फाटक बंद रहने के कारण मुख्य सडक हमेसा बन्द रहती है। आपके द्वारा कुछ प्राईवेट कम्पनी की भारी भरकम हाईवा टेलर गाडियों को आदर्श नगर कुसमुण्डा बाय पास सडक मे चलाने की अनुमति दी जा रही है, जोकि यह गलत है व नियम के विरुध्द है बाय पास सडक मे भारी वाहन चलाने की अनुमति नही होती है जिनमे 30 गांव के लोगो का कोरबा आना जाना मुश्किल हो जाऐगा और आए दिन इस सडक पर दुर्घटना होने की सम्भावना बढ जाऐगी। रेल्वे वोवर ब्रिज के निचे लक्ष्मण नाला में बने पुल टुटने के कगार पर है और यहा पर अन्धा मोड भी है जिसमे कई लोग अपनी जान गवा चुके है। आम लोगो के लिए बनी बाय पास सडक पर यदि भारी भरकम कोयला गाडी चलाया जाऐगा तो क्या होगा भगवान हि मालिक है। आपके कुछ अधिकारी व कर्मचारी आदर्श नगर कुसमुण्डा बाय पास सडक के किनारे बसे लोगो से जबरन मकान खाली करवाया जा रहा है और यहा तक कि उनके मकान का छतिपुर्ति राशि भी नही दिया जा रहा है। 30 गांव कि निस्तारी कोरबा जाने वाली एक मात्र बाई पास सडक आदर्श नगर कुसमुण्डा को आम लोगो से ना छिने और उसमे भारी भरकम कोयला गाडी ना चलने दे अन्यथा मेरे व ग्रामवासीयों के द्वारा जनहित मे चक्का जाम करने हेतु विवश होगें। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी एस ई सी एल प्रबंधन कि होगी।





