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अभी रात में भी चक्काजाम आंदोलन जारी, पानी के लिए सड़क पर उतरे लोग, बांकी बायपास मार्ग पर लगा भारी वाहनों का जाम

राजू सैनी की खबर

अभी रात में भी चक्काजाम आंदोलन जारी, पानी के लिए सड़क पर उतरे लोग, बांकी बायपास मार्ग पर लगा भारी वाहनों का जाम.. देखें धरना स्थल की तस्वीरें…

जल संकट : बाँकी बस्ती, पुरैना, मड़वाढोढा में जल आपूर्ति की मांग को लेकर माकपा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सुबह 10 बजे से किया चक्काजाम शुरू

माकपा ने कहा ग्रामीणों को जल नहीं तो कोल परिवहन ठप रहेगा

कोरबा – बांकीमोंगरा क्षेत्र के खनन प्रभावित गांवो बांकी बस्ती, मड़वाढोढा, पुरैना में एसईसीएल द्वारा जल आपूर्ति बंद किए जाने से परेशान सैकड़ों ग्रामीणों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव प्रशांत झा के नेतृत्व में बांकी बस्ती के पास चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम आज सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हुआ जो अभी तक चल रहा है जिससे जाम के कारण दोनो तरफ ट्रकों की लंबीलाईन लग गई, जिसके बाद एसईसीएल प्रबंधन को मजबूर होकर आंदोलनकारी माकपा और ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए मजबूर होकर सड़क पर आना पड़ा ग्रामीणों के साथ वार्ता विफल रही। मौके पर कटघोरा के नायब तहसीलदार, बांकी मोंगरा थाना प्रभारी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल उपस्थित है।

उल्लेखनीय है कि कोयला खनन के कारण खनन प्रभावित गांवों में जल स्तर काफी गिर चुका है और अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत एसईसीएल ही पीने, निस्तारी और सिंचाई के लिए पानी का प्रबंध करते आया है। लेकिन बांकी खदान बंद होने के बाद अब से एसईसीएल द्वारा इन बांकी बस्ती,पुरैना,मड़वाढोढा गांवों में जल आपूर्ति बंद कर दी गई है, जिससे यहां के ग्रामीणों का न केवल दैनिक दिनचर्या गड़बड़ा गई है, बल्कि खेती-किसानी पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। माकपा द्वारा चक्काजाम की चेतावनी के बाद भी एसईसीएल प्रबंधन ने ग्रामीणों के पानी के समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं होने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।

माकपा नेता प्रशांत झा ने आरोप लगाया कि बांकी खदान से कमाई बंद होते ही अब एसईसीएल अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को पूरा करने से मुकर रहा है, जबकि किसानों की आजीविका सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को पाना ग्रामीणों का अधिकार है। पानी की समस्या समाधान का लिखित आश्वाशन देने के बाद भी एसईसीएल प्रबंधन अपने वायदे को पूरा नहीं करता है इसलिए अब एसईसीएल के किसी आश्वाशन में आने वाले नहीं है जब तक पानी नहीं मिलेगा तब तक चक्काजाम जारी रहेगा। किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर ने कहा कि तीनों गांव को पानी दो नहीं तो कोल परिवहन नहीं होने देंगे।

माकपा ने आरोप लगाया है कि एसईसीएल ग्रामीणों को नगर निगम का पानी खरीदने को मजबूर कर रहा है, जिसका माकपा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित गांवों में एसईसीएल को पूर्व की तरह जल आपूर्ति करना होगा। 

प्रमुख मांगे

1) बांकी बस्ती और पुरैना गांव में पाईप लाईन के माध्यम से पेयजल सप्लाई पुनः चालू किया जाये।

2) ग्राम बांकी बस्ती, मडवाढोंढा,पुरैना में तालाबों को खदान से पाईप लाईन के माध्यम से साल भर भरने की व्यवस्था की जाये।

3) ग्राम बांकी बस्ती, मडवाढोंढा,पुरैना में जहां अंडर ग्राउंड में पानी का भराव जायदे है वहां बोरहोल कर मोटर पंप लगाकर तालाबों को भरने के साथ किसानों को सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था की जाये।

4) प्रभावित ग्रामों में बोर होल में सबमर्शिबल पंप लगाकर पेयजल आपूर्ति की जाए।

माकपा के इस चक्काजाम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं आंदोलन में शामिल हुए।

चक्काजाम में प्रमुख रूप से किसान सभा के जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,जय कौशिक,दामोदर,शिवरतन कंवर, देव कुंवर,सुक्रिता, समेत मोहपाल सिंह,जीर्बोधन,श्रवण दास,बजरंग दास,शिवपाल, भरत सिंह, किसन चंटू, इंद्र कुंवर,साधना बाई, गवन बाई,श्याम बाई,प्रमिला महंत,रमा देवी के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। समाचार लिखे जाने तक चक्काजाम चल रहा है।

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