CG Kisan Payment Update: होली से पहले किसानों के चेहरे पर खुशी, सरकार ने जारी किए 4.73 करोड़ रुपए
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने 14,518 किसानों को समय पर 51.51 करोड़ रुपए का भुगतान कर गन्ना किसानों को दिया आर्थिक संबल

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भोरमदेव शक्कर कारखाने ने गन्ना किसानों को 4.73 करोड़ रुपए जारी किए।
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अब तक 14,518 किसानों को कुल 51.51 करोड़ रुपए का भुगतान।
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नियमित भुगतान से किसानों को आर्थिक सहारा और कृषि तैयारी में मदद।
CG Kisan Payment Update: होली पर्व से पूर्व गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा गन्ना किसानों के लिए 4.73 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। अब तक कुल 14,518 गन्ना किसानों को 51.51 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। नियमित व समयबद्ध भुगतान की इस प्रक्रिया से किसानों को आर्थिक संबल मिला है, जिससे वे आगामी कृषि कार्यों की तैयारी सुचारु रूप से कर पा रहे हैं।
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कारखाना प्रबंधन द्वारा किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी व त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। कारखाना प्रबंधन ने बताया कि चालू पेराई सत्र में अब तक 2,42,990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है और 2,86,743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया गया है। होली जैसे प्रमुख त्योहार से पूर्व भुगतान की पहल से किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
जिला प्रशासन व कारखाना प्रबंधन ने किसानों के हित में इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहने का विश्वास दिलाया है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना प्रबंधन ने शेयरधारक सदस्य किसानों व गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है। ताकि सहकारिता को मजबूत और किसानों के भविष्य सुरक्षित हो सके।
उत्पादित गन्ने की आपूर्ति कारखाने में करें
विगत पेराई सत्र 2024-25 व वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुरूप गन्ना आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण कारखाने की पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका, जिससे पेराई अवधि प्रभावित हुई। पर्याप्त गन्ना आपूर्ति होने से पेराई अवधि बढ़ेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों को आगे भी समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। कारखाना प्रबंधन ने कारखाने की पंजीकृत उपविधियों के अंतर्गत जानकारी देते हुए बताया कि उपविधि धारा 07(02)(घ) के अंतर्गत सदस्य किसानों के लिए अपने उत्पादित गन्ने की आपूर्ति कारखाने में करना अनिवार्य है।





