इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में विश्व शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में किया गया शिक्षकों का सम्मान

शिक्षक समाज का वह किसान होता है जो लोगो के दिमाग में ज्ञान का बिज बोता है- डॉ. संजय गुप्ता

यूनेस्को द्वारा पेरिस में आयोजित इंटर-गर्वनमेंटल सम्मेलन का एक हिस्सा था, जिसने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के सहयोग से शिक्षकों की स्थिति को देखते हुए 05 अक्टूबर 1994 को विश्व शिक्षक दिवस को मान्यता दी थी। इसलिए हर साल 05 अक्टूबर को यह दिन मनाया जाता है। पहला विश्व शिक्षक दिवस 05 अक्टूबर 1994 को मनाया गया था।भारत में जहां शिक्षक दिवस हर साल 05 सितंबर को मनाया जाता है, वहीं पूरी दुनिया में इस खास दिन को 05 अक्टूबर को सेलिब्रेट किया जाता है।

इस दिन की शुरुआत साल 1994 में हुई थी। गुरु का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व होता है, जो एक इंसान को अज्ञान से ज्ञान की ओर लेकर जाता है। हर साल गुरु को सम्मान देने के लिए शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) मनाया जाता है। हर साल 05 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है। हालांकि भारत में शिक्षक दिवस इससे एक महीने पहले यानी डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर 05 सितंबर को मनाया जाता है।हर व्यक्ति की सफलता के पीछे गुरु का हाथ होता है। गुरु को भगवान से भी बढ़कर माना जाता है गुरु को उजाले का दीप माना जाता है गुरु के बिना व्यक्ति का जीवन अधूरा है गुरु के सहयोग से ही हर व्यक्ति सफल बनता है। गुरु का होना अंधकार में देश के जैसे होते हैं। जो खुद जलकर दूसरों को उजागर करते हैं। माता के बाद दूसरा शिक्षक गुरु ही होते हैं गुरु से ली गई सच्चा संस्कार हमारी जीवन को आसान बना देती है।

गुरु ही वह व्यक्ति होता है जो खुद एक स्थान पर रहकर दूसरों को अपनी मंजिल तक पहुंचाता है गुरु हमेशा सभी को अच्छा ज्ञान देता है। गुरु सच्चे पथ प्रदर्शक होता है। हमारे जीवन में गुरु बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। मनुष्य के लिए भगवान से भी बढ़कर गुरु को माना जाता है क्योंकि भगवान हमें जीवन प्रदान करता है। और गुरु हमें शिक्षा देकर इस जीवन को सही ढंग से जीना सिखाते हैं जो गुरु का मार्ग दर्शन करके चलता है। उसे जीवन में कभी ठोकरे नहीं खानी पड़ती हैं।

गुरु शब्द को देखा जाए तो गुरु दो शब्द के मेल से बनता है। किसने पहला शब्द जिसका अर्थ होता है। अंधकार और दूसरा शब्द रूप जिसका अर्थ होता है उजियारा यानी गुरु के नाम से ही हम पहचान कर सकते हैं कि यह हमें अंधकार से उजियारे की ओर ले जाने का कार्य करते हैं गुरु हमें अंधकार रूपी इस जीवन में प्रकाश रूपी ज्ञान देते हैं।

दीपका स्थित इंडस पब्लिक स्कूल में विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष आयोजन किया। छात्रों ने अपने उपाध्यायों को विशेष सम्मान दिया और उनकी शिक्षा-कार्य के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए और शिक्षकों को सम्मानित किया। छात्रों ने इस अवसर पर विभिन्न प्रकार की प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शिक्षकों के साथ उनके संबंध को मजबूत किया। विद्यालयों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं ने इस उत्सव को रंगीन बनाया।

विश्व शिक्षक दिवस के इस अवसर पर शिक्षकों को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया और छात्रों ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया। यह उत्सव शिक्षा के महत्व को समझाने और शिक्षक-छात्र संबंध को मजबूत करने का एक अच्छा अवसर था। विद्यालय में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले शिक्षकों को पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र भी दिया गया। पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र पाकर शिक्षक प्रसन्नचित हुए।

विद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि* सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर 05 सितंबर को पूरे भारत वर्ष में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।05 अक्टूब को पूरे विश्व में विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है। दरअसल, 1966 में आईएलओ/यूनेस्को ने शिक्षकों के अधिकारों, जिम्मेदारियों, भर्ती, रोजगार, सिखाने और सीखने की कंडिशन को ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड टीचर्स डे मनाने की शिफारिश की थी।गुरु हमारे जीवन में हमें जिंदगी का सार बताते हैं, वे सिखाते हैं कि कैसे हम ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं और इस ज्ञान का कैसे सदुपयोग कर सकते हैं। हमारे जीवन में माता-पिता से भी ऊपर गुरु को दर्जा दिया गया है, क्योंकि एक शिक्षक ही होता है जो एक बच्चे के भविष्य को बनाता है।

एक बच्चे के जीवन में एक शिक्षक ज्ञान देने का काम करता है और यही ज्ञान उसके बेहद काम आता है। जो लोग पढ़-लिख नहीं पाते हैं, वे ज्ञान प्राप्त न करने का दर्द काफी अच्छे से समझ सकते हैं। इसलिए हमारे जीवन में एक शिक्षक बेहद जरूरी है, जो हमें ज्ञान देने का काम करता है और इसी की बदौलत हम अपने जीवन में आगे बढ़ पाते हैं।हर व्यक्ति चाहता है कि वे अपनी जिंदगी में कई बड़े आयाम छूए, बुलंदी पर चढ़े और लोग उसका खूब सम्मान करें। ऐसे में ये सपना पूरा करने के लिए व्यक्ति को एक अच्छे शिक्षक की जरूरत होती है, जो बच्चे को पढ़ा-लिखाकर इस काबिल बनाता है कि वे अपने जिंदगी के नए आयामों को छू सके और अपने सपनों को हकीकत में जी सके।गुरु हमें शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान तथा अनुशासित विद्यार्थी बनाते हैं। व्यक्ति को जीवन में कुछ करना है तो उसे हर चीज के बारे में महसूस कराना होगा यह कार्य सिर्फ गुरु ही कर सकते हैं।

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