स्टेट लेवल बालिका ताइक्वांडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत आईपीएस दीपका की छात्रा रितु वर्मा ने बढ़ाया विद्यालय का मान एवं इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के कक्षा आठवीं के छात्र रोशन सिंह का जिला स्तरीय एथलेटिक्स में हुआ चयन

राज्य स्तर पर पदक जीतने पर आईपीएस दीपका में रितु वर्मा का किया गया विशेष सम्मान ।

कोरबा : ‘कराटे’ एक युद्ध कला है। किंतु इस कला की शुरुआत कब, कहां और कैसे हुई, इस बारे में प्रामाणिक जानकारी नहीं है। इस संबंध में कईं कहानियां प्रचलित हैं। कहा जाता है कि कराटे का जन्म भारत के केरल राज्य में हुआ। चूंकि हम भारतीय मार-पीट में ज्यादा विश्वास नहीं करते, इसलिए कराटे पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता। कराटे वास्तव में काफी खतरनाक खेल है। थोड़ी सी असावधानी से हाथ, पैर, गर्दन, नाक तक टूट सकती है। भारत में इसका सही ढंग से प्रचार-प्रसार नहीं हुआ तो धीरे-धीरे लोग कराटे को भूलते गए।

यूं तो खेल-कूद और व्यायाम हम सबके लिए जरूरी है, लेकिन जिस तरह से आज के हालात में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ा है, उसे देखते हुए मार्शल आर्ट व ताइक्वांडो महिलाओं के लिए बहुत जरूरी हो गया है. मार्शल आर्ट शरीर को चुस्त दुरुस्त रखता है और महिलाओं में एक आत्म विश्वास और ताकत भी देता है जिससे वो विकट परिस्थिति में अपने को महफूज रख सकें , जागरूकता अभियान चलाकर समाज के हर व्यक्ति को आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट से जोड़ा जाना चाहिए ।

छ.ग. राज्यस्तरीय बालिका ताइक्वांडो चैंपियनशिप का आयोजन 11,12 एवं 13 सितंबर को कोरबा के सीएसईबी सीनियर क्लब में आयोजित किया गया । जहाँ राज्य भर के सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया । इंडस पब्लिक स्कूल दीपका से ताइक्वांडो प्रशिक्षक श्री लीलाराम यादव के दिशा निर्देशन में इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के विद्यार्थियों ने कोरबा में आयोजित ताइक्वांडो प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करते हुए पदक पर कब्जा किया।विद्यार्थियों ने अपने प्रतिद्वंदियों को धूल चटाई। विभिन्न वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता में आईपीएस दीपका के छात्रों ने अपना लोहा मनवाते हुए पदक हासिल किए ।

कक्षा 6वीं की छात्रा रितु वर्मा ने बालिका वर्ग के ताइक्वांडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर अपने परिवार तथा विद्यालय का नाम रोशन किया तथा विद्यालय के ही छात्र रोशन सिंह ने बालको के अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 200 मी एवं 400 मी रेस जीत कर जिला स्तर पर पदक हासिल किया। साथ ही प्रशिक्षकों की श्रेणी में श्री लीलाधर यादव की प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार बच्चों के इस उपलब्धि पर हर्षित है । विद्यालय प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता जी ने छात्रों एवं एवं विद्यालय के खेल एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षक श्री लीलाराम यादव को बधाई दी ।

विद्यालय प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता जी ने कहा कि मार्शल आर्ट शरीर को चुस्त दुरुस्त रखता है और महिलाओं में एक आत्म विश्वास और ताकत भी देता है जिससे वो विकट परिस्थिति में अपने को महफूज रख सकें , जागरूकता अभियान चलाकर समाज के हर व्यक्ति को आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट से जोड़ा जाना चाहिए ।आज दिन ब दिन बदलती परिस्थिति को देखते हुए हमें विद्यार्थियों को इस कला में पारंगत करना चाहिए।

हमें यह अवश्य ध्यान रखना होगा कि मार्शल ऑर्ट या ताइक्वांडो की कला का उद्देश्य केवल आत्मरक्षा होना चाहिए न कि दूसरों को नुकसान पहुँचाना,और जहां तक एथलेटिक्स की बात है तो यह तो हम सभी बात जानते हैं कि हम यदि नियमित रूप से रनिंग को अपने डेली लाइफ स्टाइल में शामिल करके चलते हैं तो हमें कभी भी हृदय की तकलीफ नहीं होती साथ ही हम चुस्त व तंदुरुस्त बने रहते हैं हमारे शरीर में कभी मोटापा नहीं आता अतः हमें प्रतिदिन सुबह शाम समय निकालकर कम से कम 100 से 200 मी अवश्य दौड़ना चाहिए यदि हमारे पास पर्याप्त समय है तो हम प्रतिदिन दूरी को बढ़ते चले हमारी कोशिश रहनी चाहिए कि धीरे-धीरे ही सही हम लगातार दौड़ते रहे और ज्यादा से ज्यादा पसीना को शरीर से बाहर निकलने दें जिससे कि हमारा शरीर हल्का रहेगा।

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