Health and fitness

फेस्टिव सीजन में मिठाइयां ज्यादा और पानी कम पीना पड़ सकता है भारी, बढ़ सकता है किडनी स्टोन का खतरा; जानें 5 प्रमुख लक्षण

लाइफस्टाइल डेस्क : भारत में त्योहारों का मौसम खुशियों और स्वादिष्ट पकवानों से भरा होता है। लड्डू, काजू कतली, गुलाब जामुन और दूसरी मिठाइयों का स्वाद हर किसी को लुभाता है। लेकिन त्योहारों की भागदौड़ और खानपान के बीच लोग अक्सर पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं। मिठाइयों और नमक का अधिक सेवन, साथ ही शरीर में पानी की कमी, किडनी में पथरी बनने का खतरा बढ़ा सकती है।

छत्तीसगढ़ PWD में बड़ा फेरबदल: 91 सब इंजीनियरों का हुआ तबादला, देखें पूरी लिस्ट

कैसे बनती है किडनी में पथरी?

कभी-कभार मिठाई खाना आमतौर पर चिंता की बात नहीं है, लेकिन असंतुलित खानपान और पर्याप्त पानी न पीने की आदत परेशानी बढ़ा सकती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है। इससे पेशाब में मौजूद कैल्शियम, ऑक्सलेट और अन्य खनिज पदार्थ एक साथ जमा होकर क्रिस्टल बना सकते हैं, जो धीरे-धीरे पथरी का रूप ले सकते हैं।

इसके अलावा, ज्यादा नमक का सेवन, कुछ खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन, पारिवारिक इतिहास और डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी किडनी स्टोन का जोखिम बढ़ा सकती हैं। जिन लोगों को पहले पथरी हो चुकी है, उन्हें खानपान और पानी की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

किडनी स्टोन के इन 5 लक्षणों को न करें नजरअंदाज

किडनी में पथरी होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इन्हें पहचानना और समय पर उचित कदम उठाना जरूरी है।

1. कमर और पेट के किनारे तेज दर्द: कमर, पीठ के निचले हिस्से या पेट के एक तरफ अचानक तेज दर्द उठना पथरी का संकेत हो सकता है। यह दर्द कभी कम तो कभी ज्यादा हो सकता है और दूसरी जगहों तक भी फैल सकता है।

2. पेशाब करते समय जलन या दर्द: पेशाब के दौरान जलन, दर्द या असहजता महसूस होना मूत्र मार्ग में परेशानी का संकेत हो सकता है। हालांकि, इसके पीछे संक्रमण जैसे दूसरे कारण भी हो सकते हैं।

3. पेशाब में खून आना: पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या भूरा दिखाई देना पथरी के कारण हो सकता है। ऐसे लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

4. जी मिचलाना और उल्टी होना: किडनी स्टोन के कारण होने वाले तेज दर्द के साथ जी मिचलाना या उल्टी की समस्या भी हो सकती है।

5. पेशाब में बदबू और बुखार: पेशाब से तेज बदबू आना या उसका रंग धुंधला होना संक्रमण का संकेत हो सकता है। यदि इसके साथ बुखार, ठंड लगना या कमर में तेज दर्द हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।

त्योहारों में किडनी को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए 8 से 10 गिलास पानी एक सामान्य मार्गदर्शक हो सकता है, लेकिन वास्तविक जरूरत मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य के अनुसार बदलती है। पेशाब का हल्का पीला रंग पर्याप्त हाइड्रेशन का एक सामान्य संकेत है।

CG Crime News: 6 महीने पहले पति-बच्चे को छोड़ प्रेमी के साथ भागी महिला, अब चरित्र शंका में प्रेमी ने की पिटाई; पुलिस तक पहुंचा मामला

मिठाइयों का सीमित सेवन करें: त्योहारों में मिठाइयों का आनंद लें, लेकिन इनका सेवन सीमित मात्रा में करें। मीठे पेय पदार्थों की जगह पानी को प्राथमिकता दें।

नमक कम खाएं: अधिक नमक वाला भोजन पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा सकता है, जिससे कुछ लोगों में पथरी बनने का जोखिम बढ़ता है। इसलिए चिप्स, नमकीन और ज्यादा नमक वाले पकवान सीमित मात्रा में खाएं।

फल और सब्जियां खाएं: संतुलित आहार में ताजे फल और सब्जियां शामिल करें। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व और फाइबर मिलता है।

रोजाना सक्रिय रहें: नियमित रूप से टहलना और हल्की शारीरिक गतिविधि करना सेहत के लिए फायदेमंद है। साथ ही, व्यायाम के दौरान पानी की कमी न होने दें।

किडनी स्टोन होने पर क्या है इलाज?

किडनी स्टोन का इलाज पथरी के आकार, उसकी स्थिति और लक्षणों पर निर्भर करता है। इसकी जांच के लिए पेशाब और खून की जांच के साथ जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन किया जा सकता है।

छोटी पथरी कुछ मामलों में पर्याप्त तरल पदार्थ और उचित दर्द नियंत्रण के साथ अपने आप बाहर निकल सकती है। हालांकि, हर पथरी के लिए एक जैसा इलाज सही नहीं होता। बड़ी पथरी, पेशाब के रास्ते में रुकावट या लगातार तेज दर्द होने पर विशेष उपचार की जरूरत पड़ सकती है। इसमें शॉक-वेव लिथोट्रिप्सी या एंडोस्कोपिक प्रक्रिया शामिल हो सकती है।

ध्यान रखें: तेज दर्द के साथ बुखार, ठंड लगना, लगातार उल्टी या पेशाब करने में परेशानी हो तो देरी न करें। ऐसे लक्षण गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। बिना सलाह के दर्द निवारक दवाओं का सेवन करने से भी बचें।

त्योहारों की खुशियों का आनंद लेने के साथ अपनी सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी है। संतुलित खानपान, पर्याप्त पानी और शरीर के संकेतों पर ध्यान देकर किडनी स्टोन के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026