*निजी भूमि पर सड़क निर्माण और अवैध कब्जे पर छिड़ा विवाद, पीड़ित परिवार के साथ ग्रामीणों ने किया चक्का जाम*
न्यायालय के आदेश के बाद भी जमीन खाली नहीं करने का आरोप*

जिला रिपोर्टर सक्ती- उदय मधुकर
सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत ग्राम घिवरा में निजी भूमि पर सड़क निर्माण और कथित अवैध कब्जे को लेकर विवाद उभर कर सामने आया है। आर. के. एम. पावर प्लांट, उच्छपिंडा के विरुद्ध न्यायालय से बेदखली आदेश जारी होने के बावजूद जमीन खाली नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए आवेदक पक्ष के लोगों ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को अपनी जमीन के पास चक्काजाम कर दिया। इसके कारण प्लांट की परिवहन व्यवस्था घंटो प्रभावित रही। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस संबंध में प्राप्त न्यायालयीन दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम घिवरा निवासी बलराम रात्रे, पिता धूमरा रात्रे की पत्नी रुक्मणी रात्रे के नाम पर खसरा नंबर 295/4 में भूमि दर्ज है। राजस्व निरीक्षक की सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर उक्त भूमि पर लगभग 13 मीटर ×14.5 मीटर क्षेत्र में पक्की सड़क तथा पानी निकासी के लिए नाली बनाए जाने का उल्लेख किया गया है। आवेदक पक्ष का आरोप है कि उनकी निजी भूमि पर बिना सहमति कब्जा कर सड़क का निर्माण किया गया है। मामले में तहसीलदार न्यायालय, डभरा द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को आदेश पारित किया गया। दस्तावेजों के अनुसार संबंधित भूमि से कथित अवैध कब्जा हटाने के लिए आर. के. एम. पावर प्लांट प्रबंधन को सात दिवस के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद जमीन खाली नहीं कराए जाने का आरोप लगाते हुए आवेदक पक्ष ने विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।
न्यायालय के आदेश के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज आवेदकों ने शुक्रवार को अपनी जमीन के समीप चक्काजाम शुरू कर दिया। घंटो तक चले चक्काजाम के दौरान आवेदक पक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा। बाद में कंपनी प्रबंधन की ओर से प्लांट हेड हरिनाथ चक्रवर्ती मौके पर पहुंचे। उन्होंने आवेदकों की समस्या का निदान किए जाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया गया। ऐसे में अब देखना होगा कि कंपनी प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप आवेदक पक्ष की समस्या का निराकरण कब तक होता है?





