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दवा की एक्सपायरी डेट के अलावा पैकेट पर क्या-क्या चेक करें? इन 7 बातों का रखें खास ध्यान

अक्सर लोग दवा खरीदते समय सबसे पहले उसकी एक्सपायरी डेट चेक करते हैं, लेकिन क्या सिर्फ इतना करना काफी है? दवा की सुरक्षित पहचान और सही इस्तेमाल के लिए पैकेट पर लिखी अन्य जानकारियों को देखना भी जरूरी है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) की जानकारी के अनुसार, दवा के पैकेट पर उसका नाम, कंपोजिशन, पैक का आकार, निर्माता का विवरण, लाइसेंस नंबर, निर्माण और एक्सपायरी की तारीख के साथ अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) जैसी जानकारियां दी जाती हैं। आइए जानते हैं दवा खरीदते और इस्तेमाल करते समय किन 7 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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1. दवा का नाम और कंपोजिशन जरूर जांचें

दवा खरीदते समय उसके नाम के साथ उसमें मौजूद सक्रिय तत्वों (कंपोजिशन) और उनकी मात्रा की जानकारी भी जरूर देखें। कई बार मिलते-जुलते नाम वाली दवाओं के तत्व या उनकी मात्रा अलग हो सकती है। इसलिए केवल ब्रांड के नाम पर भरोसा न करें। डॉक्टर की पर्ची पर लिखी दवा, उसकी मात्रा और पैकेट पर दी गई जानकारी का मिलान करें। किसी तरह का संदेह होने पर दवा लेने से पहले फार्मासिस्ट से जानकारी लें।

2. बैच नंबर की जांच करना न भूलें

हर दवा के पैकेट पर बैच या लॉट नंबर दिया जाता है। यह नंबर दवा के किसी विशेष बैच की पहचान करने में मदद करता है। यदि किसी बैच की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आती है या उसे बाजार से वापस मंगाया जाता है, तो बैच नंबर के जरिए उसकी पहचान की जा सकती है। इसलिए दवा का पैकेट संभालकर रखें और गुणवत्ता पर संदेह होने पर संबंधित दवा विक्रेता या दवा नियंत्रण विभाग से संपर्क करें।

3. मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट का अंतर समझें

मैन्युफैक्चरिंग डेट से पता चलता है कि दवा का निर्माण कब हुआ था, जबकि एक्सपायरी डेट उसकी निर्धारित उपयोग अवधि की अंतिम सीमा बताती है। दवा की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए निर्माता द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

यदि पैकेट पर एक्सपायरी की तारीख केवल महीने और साल के रूप में लिखी है, तो सामान्य तौर पर उसकी उपयोग अवधि उस महीने के अंतिम दिन तक मानी जाती है। हालांकि, दवा के लेबल पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। एक्सपायरी के बाद दवा का इस्तेमाल न करें।

4. दवा को सही तरीके से स्टोर करें

सभी दवाओं को एक ही तापमान पर रखना सही नहीं होता। कुछ दवाएं सामान्य तापमान पर सुरक्षित रहती हैं, जबकि कुछ को निर्धारित तापमान पर फ्रिज में रखना जरूरी होता है। इसलिए पैकेट पर लिखे स्टोरेज निर्देशों को जरूर पढ़ें।

दवाओं को नमी, तेज गर्मी और सीधी धूप से बचाकर रखें। बिना निर्देश के किसी दवा को फ्रिज में न रखें, क्योंकि गलत तापमान से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

5. MRP और पैक का आकार जरूर देखें

दवा खरीदते समय पैकेट पर लिखी अधिकतम खुदरा कीमत यानी MRP की जांच करें। साथ ही यह भी देखें कि पैकेट में कितनी टैबलेट, कैप्सूल या दवा की कितनी मात्रा मौजूद है। इससे कीमत और पैक के आकार का सही अंदाजा लगाने में मदद मिलती है।

दवा खरीदने के बाद बिल जरूर लें और उस पर दर्ज कीमत का पैकेट पर लिखी MRP से मिलान करें। इससे खरीदारी का रिकॉर्ड भी आपके पास रहता है।

6. निर्माता का नाम, पता और लाइसेंस नंबर देखें

दवा के पैकेट पर उसे बनाने वाली कंपनी का नाम, पता और लाइसेंस नंबर जैसी जानकारियां दी जाती हैं। दवा खरीदते समय इन विवरणों को ध्यान से पढ़ें। यदि जानकारी अधूरी हो, छपाई अस्पष्ट हो या पैकेट संदिग्ध लगे, तो दवा का इस्तेमाल करने से पहले उसकी जांच कराएं।

दवा की गुणवत्ता या प्रामाणिकता को लेकर संदेह होने पर संबंधित दवा नियंत्रण विभाग से संपर्क किया जा सकता है।

7. पैकेट की सील और चेतावनियों पर ध्यान दें

दवा खरीदते समय उसकी स्ट्रिप, बोतल या पैकेट की स्थिति जरूर जांचें। यदि पैकेट फटा हुआ है, सील टूटी है या टैबलेट की स्ट्रिप क्षतिग्रस्त है, तो ऐसी दवा न खरीदें।

इसके अलावा, दवा के रंग, गंध या बनावट में असामान्य बदलाव दिखाई देने पर उसका इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। पैकेट पर दी गई चेतावनियों और इस्तेमाल संबंधी निर्देशों को भी नजरअंदाज न करें। कुछ दवाओं पर लाल रेखा या विशेष चेतावनी दी जाती है, जो उनके इस्तेमाल से जुड़े जरूरी निर्देशों की ओर ध्यान दिलाती है।

दवा इस्तेमाल करते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

दवाओं को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखें। किसी भी दवा की खुराक अपनी मर्जी से न बदलें और न ही बिना उचित सलाह के दूसरी दवा से उसका विकल्प चुनें। यदि पैकेट पर लिखी जानकारी, दवा की गुणवत्ता या उसके इस्तेमाल को लेकर कोई संदेह हो, तो फार्मासिस्ट से सलाह लें।

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याद रखें: दवा खरीदते समय सिर्फ एक्सपायरी डेट देखना ही पर्याप्त नहीं है। दवा का नाम, कंपोजिशन, बैच नंबर, स्टोरेज निर्देश, MRP, निर्माता की जानकारी और पैकेट की सील की जांच करना भी सुरक्षित इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026