ChatGPT Image May 16, 2026, 07_16_26 PM
TechTechnology

Monsoon Gadget Care: मानसून में फोन-लैपटॉप को रखें सुरक्षित! पानी और नमी से बचाने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

Monsoon Gadget Care: मानसून गर्मी से राहत जरूर देता है, मगर इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए खतरा बढ़ जाता है। अचानक होने वाली बारिश, गीले कपड़े, बैग में जमा नमी और वातावरण में बढ़ी हुई ह्यूमिडिटी स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकती है। खास बात यह है कि पानी से हुआ नुकसान हमेशा तुरंत दिखाई नहीं देता है। कई बार नमी धीरे-धीरे चार्जिंग पोर्ट, स्पीकर, कीबोर्ड और दूसरे इंटरनल कंपोनेंट्स को प्रभावित करती रहती है।

Imran Khan: इमरान खान की जेल में मौत का दावा! पाकिस्तानी पत्रकार के बयान से मचा हड़कंप…

फोन और लैपटॉप को किससे ज्यादा खतरा

बारिश के दौरान सिर्फ सीधे पानी में भीगना ही गैजेट के लिए खतरा नहीं है। गीली जेब, नम बैग और वातावरण की ज्यादा नमी भी डिवाइस के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। स्मार्टफोन में खासकर चार्जिंग पोर्ट, स्पीकर और कैमरा मॉड्यूल ऐसे हिस्से हैं, जहां नमी पहुंच सकती है। वहीं लैपटॉप में कीबोर्ड, टचपैड, यूएसबी पोर्ट, स्पीकर और वेंटिलेशन एरिया ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं। इसके अलावा, एसी वाले कमरे से अचानक बाहर की उमस में जाने पर डिवाइस के अंदर नमी की बूंदें बनने की आशंका भी रहती है। इसलिए मानसून में गैजेट को सिर्फ बारिश की बूंदों से नहीं, बल्कि नमी से भी बचाना जरूरी है।

स्मार्टफोन को बारिश से कैसे बचाएं

वाटरप्रूफ केस का करें उपयोगः बारिश में फोन को सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका एक अच्छी वाटरप्रूफ या वाटर रेजिस्टेंट केस का उपयोग करना है। अगर आपका फोन पहले से वाटर रेजिस्टेंट है, तब भी अतिरिक्त सुरक्षा के लिए ऐसा केस उपयोगी हो सकता है। खास आप ऐसे केस को प्राथमिकता दें जिसमें चार्जिंग पोर्ट के आसपास भी अच्छी सिलिंग हो। इससे बारिश की बूंदों या पानी के छींटों के सीधे फोन तक पहुंचने की आशंका कम हो जाती है।

वाटरप्रूफ पाउच या ड्राइ बैग में रखेंः अगर आप बाइक या स्कूटर से सफर करते हैं या भारी बारिश में बाहर रहते हैं, तो वाटरप्रूफ पाउच आपके काफी काम आ सकता है। फोन को सीधे पैंट की जेब में रखने के बजाय एक सूखे और सील्ड पाउच में रखना ज्यादा सुरक्षित है। ट्रांसपैरेंट वाटरप्रूफ पाउच का फायदा यह है कि फोन को बाहर निकाले बिना भी स्क्रीन का उपयोग किया जा सकता है। यात्रा के दौरान यह तरीका खास तौर पर उपयोगी हो सकता है।

गीले फोन को तुरंत चार्ज न करेंः मानसून में यह सबसे जरूरी सावधानियों में से एक है। अगर फोन बारिश में भीग गया है या चार्जिंग पोर्ट में नमी चली गई है, तो उसे तुरंत चार्जर से कनेक्ट न करें। पोर्ट में मौजूद नमी चार्जिंग के दौरान समस्या पैदा कर सकती है। फोन को पहले अच्छी तरह सूखने दें और उसके बाद ही चार्जिंग की कोशिश करें।

लैपटॉप को बारिश में कैसे रखें सुरक्षित

स्मार्टफोन की तुलना में लैपटॉप को बारिश से बचाना और भी जरूरी है, क्योंकि इसमें कीबोर्ड, टचपैड, स्पीकर्स, यूएसबी पोर्ट के साथ और भी संवेदनशील कंपोनेंट्स होते हैं।

वाटरप्रूफ बैकपैक में रखेंः मानसून में सामान्य बैग के बजाय वाटरप्रूफ या वाटर रेजिस्टेंट लैपटॉप बैकपैक का उपयोग करना बेहतर विकल्प है। बैग में लैपटॉप कंपोनेंट अलग होना चाहिए, ताकि डिवाइस को बाकी सामान से अतिरिक्त सुरक्षा मिल सके। सबसे जरूरी बात यह है कि बैग में गीली छतरी, रेनकोट या कपड़े उसी हिस्से में न रखें जहां लैपटॉप रखा है। बाहर से बैग सूखा दिखने के बावजूद अंदर नमी पहुंच सकती है।

कीबोर्ड को पानी और नमी से बचाएंः लैपटॉप का कीबोर्ड सबसे ज्यादा एक्सपोज्ड हिस्सा होता है। बारिश में गीले हाथों से लैपटॉप उपयोग करने से बचें। पानी की कुछ बूंदें भी कीबोर्ड के बीच से अंदर पहुंच सकती हैं। साथ ही, गीले बैग से लैपटॉप निकालने के बाद तुरंत उपयोग करने के बजाय उसे कुछ देर सूखी जगह पर रखें। अगर कीबोर्ड पर पानी गिर जाए, तो लैपटॉप को बंद कर दें, फिर सूखने के बाद ही उपयोग करने की कोशिश न करें।

यूएसबी और चार्जिंग पोर्ट ध्यान रखेंः फोन की तरह लैपटॉप के यूएसबी और चार्जिंग पोर्ट में भी नमी जमा हो सकती है। गीले पोर्ट में चार्जर और यूएसबी एक्सेसरीज लगाने से बचें। साथ ही, पोर्ट को साफ करने के लिए पिन, सुई या किसी नुकीली चीज का उपयोग न करें। इससे पोर्ट के अंदर मौजूद कनेक्टर खराब हो सकते हैं। अगर नमी दिखाई दे रही है, तो डिवाइस को बंद करके उसे प्राकृतिक रूप से सूखने दें।

स्पीकर्स और वेंटिलेशन एरिया को रखें सूखाः लैपटॉप और फोन के स्पीकर्स में छोटे-छोटे छेद होते हैं। इनमें नमी पहुंचने पर आवाज खराब हो सकती है। इसी तरह लैपटॉप के वेंटिलेशन एरिया में नमी पहुंचना भी सही नहीं है। अगर बारिश में भीगने के बाद स्पीकर्स की आवाज पहले जैसी नहीं आ रही है या लैपटॉप में असामान्य व्यवहार दिखाई दे रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें।

टचपैड नजरअंदाज न करेंः लैपटॉप का टचपैड भी नमी से प्रभावित हो सकता है। गीली अंगुलियों से लगातार टचपैड का उपयोग करने पर टच रिस्पांस में परेशानी आ सकती है। इसलिए लैपटॉप का उपयोग करने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह सुखा लें। टचपैड पर पानी गिरने की स्थिति में माइक्रोफाइबर क्लाथ से हल्के हाथों से साफ करें और जरूरत पड़ने पर डिवाइस को बंद कर दें।

हरेली अमावस्या पर चांपा लायंस क्लब ने किया वृहद वृक्षारोपण, हरियाली का दिया संदेश

ज्यादा नमी भी कर सकती है नुकसान

मानसून में बिना सीधे पानी के संपर्क में आए भी स्मार्टफोन और लैपटॉप को नुकसान हो सकता है। इसका कारण हवा में मौजूद ज्यादा नमी है। नमी चार्जिंग पोर्ट, स्पीकर्स और दूसरे छेद के जरिए धीरे-धीरे अंदर पहुंच सकती है और लंबे समय में जंग जैसी समस्या पैदा कर सकती है। कैमरा लेंस के अंदर धुंध दिखाई देना भी नमी का संकेत हो सकता है। इसलिए गैजेट को लंबे समय तक बहुत ज्यादा नम जगह पर रखने से बचें। लैपटाप बैग या गैजेट पाउच में सिलिका जेल पैक रखना भी नमी को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

फोन भीग जाए तो तुरंत करें ये काम

अगर फोन पानी में गिर गया है या तेज बारिश में बुरी तरह भीग गया है, तो सबसे पहले उसे स्विच ऑफ कर दें। फोन को उपयोग करते रहने से अंदर मौजूद नमी के कारण नुकसान बढ़ सकता है। फोन को बंद करने के बाद कवर और जहां संभव हो सिम कार्ड निकाल दें। इससे फोन के आसपास जमा अतिरिक्त नमी को हटाने में मदद मिलेगी। फिर फोन की बाहरी सतह को सूखे माइक्रोफाइबर क्लाथ से धीरे-धीरे साफ करें। हालांकि इस दौरान चार्जिंग पोर्ट या स्पीकर्स में कपड़ा या कोई नुकीली चीज डालने की कोशिश न करें। फोन को सूखी और हवादार जगह पर रखें और पूरी तरह सूखने का समय दें। साथ ही, हेयर ड्रायर या हीटर की गर्म हवा का उपयोग न करें। ज्यादा गर्मी से बैटरी और डिस्प्ले समेत दूसरे कंपोनेंट्स को नुकसान हो सकती है।

बारिश में ये गलतियां बिल्कुल न करें

फोन या लैपटॉप भीगने के बाद कई लोग उसे जोर-जोर से हिलाकर पानी निकालने की कोशिश करते हैं। ऐसा करने से पानी अंदर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकता है। इसी तरह डिवाइस को तेज धूप में लंबे समय तक रखना भी सही नहीं है। ज्यादा तापमान बैटरी और डिस्प्ले को नुकसान पहुंचा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि पानी से होने वाले छोटे संकेतों को नजरअंदाज न करें। कैमरा में धुंध, स्पीकर्स की आवाज में बदलाव, चार्जिंग की समस्या या टच रिस्पांस में दिक्कत अंदर मौजूद नमी का संकेत हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण है कि अपने जरूरी फोटोज, डॉक्यूमेंट्स और दूसरे डेटा का नियमित बैकअप लेते रहें।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026