खदान से चोरी करने पर सीआईएसएफ सीधे न्यायालय से करेगी एफआईआर, होगी 5 साल की जेल और भारी जुर्माना
सतपाल सिंह


खदान से चोरी करने पर सीआईएसएफ सीधे न्यायालय से करेगी एफआईआर, होगी 5 साल की जेल और भारी जुर्माना
कोरबा जिले के SECL गेवरा-दीपका, कोयला चोरी और अवैध गतिविधियों पर कड़े प्रहार की तैयारी, CISF को अब सीधे न्यायालय में मुकदमा दर्ज करने का अधिकार, 5 साल की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) गेवरा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और कोयला माफियाओं पर नकेल कसने सहित अवैध गतिविधियों के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव किया गया है केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के नव-पदस्थ उप महानिरीक्षक (DIG) रघुवीर नरेन ने पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में इन नई रणनीतियों और कड़े कानूनी कदमों की विस्तृत जानकारी साझा की ।
नए कानून (MMDR एक्ट) से CISF हुई और अधिक शक्तिशाली
भारत सरकार व कोल मंत्रालय के निर्देशानुसार अब खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 MMDR Act के तहत CISF को सीधे तौर पर सक्षम न्यायालय में अभियोजन वाद (Complaint) प्रस्तुत करने का सीधा वैधानिक अधिकार मिल गया है ।
०१. त्वरित कार्रवाई:- इस नए अधिकार के मिलने से अब अपराधियों और कोयला माफियाओं के खिलाफ बिना किसी विलंब के त्वरित व कड़ी कानूनी कार्रवाई संभव हो सकेगी ।
०२. कड़े दंडात्मक प्रावधान:- MMDR एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत मुख्य अपराधों के लिए अपराधियों को कानून के दायरे में लाकर 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है ।
न्यायालय द्वारा समपहरण (Confiscation)
6 रॉयल्टी व मूल्य की वसूली अवैध रूप से निकाले गए खनिज पर सरकार द्वारा की जाने वाली कार्रवाई धारा 21(5) अवैध खनिज का पूरा मूल्य रॉयल्टी तथा अन्य देय राशि की सख्त वसूली
मुख्य बिंदु (Quick Summary)
01. कठोरतम सजा:- अवैध खनन और अवैध परिवहन/भंडारण के मामलों में सबसे कड़ी सजा 5 साल की जेल और ₹5 लाख/हेक्टेयर जुर्माना का प्रावधान है ।
02. दैनिक जुर्माना:- नियमों का लगातार उल्लंघन करने पर हर दिन के हिसाब से ₹50,000 का अतिरिक्त जुर्माना लग सकता है ।
03. जब्ती की शक्ति:- प्रशासन को अवैध कार्य में शामिल वाहनों और मशीनों को मौके पर ही जब्त करने का पूरा अधिकार है ।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: स्थाई चौकी और डिजिटल सर्विलांस
औद्योगिक सुरक्षा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और खदान क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोकने के लिए DIG रघुवीर नरेन ने निम्नलिखित प्रमुख हाईटेक योजनाओं की जानकारी दी:-
०१. स्थाई चौकी:- गेवरा और दीपका खदान क्षेत्रों में चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्थाई रूप से CISF चौकी तैयार की जाएगी ।
०२. हाईटेक कांटा घर (वेब्रिज):- कोयला परिवहन लोडिंग और अनलोडिंग की प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सभी कांटा घरों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा ।
०३. डिजिटल सीसीटीवी नेटवर्क:- पूरी खदान और परिवहन रूट पर डिजिटल सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे पैनी नजर रखी जाएगी ताकि कोयला चोरी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके ।
मजदूरों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि
DIG नरेन ने जोर देकर कहा कि इन नई पहलों और कड़े कानूनों का प्राथमिक उद्देश्य खदानों में एक सुरक्षित व्यवस्थित और शांतिपूर्ण माहौल तैयार करना है इससे SECL के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों और कामगारों को बेहतर सुरक्षा कवच मिलेगा वे बिना किसी भय के राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकेंगे इस कड़े कानून की शुरुआत देश की सबसे बड़ी खदानों में शुमार SECL गेवरा-दीपका से होने जा रही है जिसे बाद में अन्य खदानों में भी लागू किया जाएगा ।
मीडिया का जताया आभार, सहयोग की अपील
बैठक के समापन पर DIG रघुवीर नरेन ने उपस्थित सभी पत्रकारों और मीडिया बंधुओं का आभार व्यक्त किया उन्होंने समाज और औद्योगिक क्षेत्र की बेहतरी के लिए मीडिया से सकारात्मक सहयोग की अपील की ताकि इस पूरे क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाया जा सके। इस महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता में क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार साजी थॉमस सुशील तिवारी मनोज महतो प्रमोद राठौर ललित महिलांगे नितेश शर्मा (गोलू) राजू लोचन तिवारी दिव्येंदु मृधा अमर भारद्वाज देवेन्द्र कुमार खुटे भोला केंवट विजय कुमार सहित CISF बल के अन्य आला अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।






