*पोरथा में होली मिलन समारोह का हुआ आयोजन : समाज में लोंगों के बीच सामाजिक सौहार्द व भाईचारे बढ़ाने के साथ सामाजिक व सांस्कृतिक विकास पर दिया जोर…*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांव आदर्श ग्राम पंचायत पोरथा में 4 मार्च, बुधवार को होली के पावन अवसर पर ग्राम स्तरीय होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। ग्राम पोरथा में गौरा चौक नया तालाब के पास आयोजित इस समारोह में गांव भर के युवाओं सहित बड़े बुजुर्ग शामिल हुए। इस मौके पर मंचासीन ग्राम प्रमुखों में मंचासीन अतिथियों में बाबू लाल राठौर सेवानिवृत्त शिक्षक, सेवानिवृत्त प्राचार्य हसत राम धीरहे, मोहित राम साहू, छोटेलाल यादव, पं.भुवनेश्वर प्रसाद पाण्डेय, शिव प्रसाद सिदार, छोटे लाल चौहान, भुवनेश्वर प्रसाद राठौर, कुंजबिहारी सोनी, अधिवक्ता चंद्रा जी, ग्राम पुरोहित रामेश्वर प्रसाद पांडेय के नाम शामिल रहे। इस विशेष आयोजन में जनपद सदस्य व सभापति सत्य प्रकाश महंत, कृषि सभापति टंकेश्वर पटेल तथा जनपद सदस्य बजरंग (राजू) राठौर की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर सभी ने आपसी सौहार्द तथा भाईचारे की भावना को और भी प्रगाढ़ बनाने वाले इस सुंदर आयोजन के लिए पोरथा ग्राम वासियों को बधाई दी तथा इस आयोजन को प्रेरणादाई भी बताया। इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी अति विशिष्ट जनों को पगड़ी पहनाकर अभिनंदन किया गया। इन पलों में जनपद सदस्य बजरंग राठौर ने सभी का गुलाल लगाकर अभिनंदन किया तो वहीं पूर्व सरपंच श्याम राठौर ने ढोल- नगाड़े पर हाथ आजमा माहौल को रोचक बनाया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक विनोद कुमार यादव ने किया। इन पलों अधिवक्ता भेषज दुबे ने अपने उद्बोधन में पोरथा गांव में होली के दिन होली मिलन समारोह के आयोजन की शुरुआत से लेकर आज पर्यन्त इस परंपरा के निर्वहन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सभी मंचासीन अतिथियों ने अपने उद्बोधन में पोरथा गांव में सामाजिक व सांस्कृतिक विकास की गतिविधियों सहित इन सबके सूत्रधार रहे बड़े बुजुर्गो को याद किया और उनके योगदान के लिए उन्हें नमन भी किया। इन पलों में वेदराम चौहान, राम भरोस यादव तथा महेंद्र देवांगन सहित कलाकारों व उनकी टीम ने फाग गीतों की सुंदर प्रस्तुति ने उपस्थित ग्रामवासियों को झूमने पर विवश किया। गौरतलब हो कि पोरथा ग्राम में होली मिलन समारोह के आयोजन की प्राचीन परंपरा रही है। आज की पीढ़ी अपने पूर्वजों द्वारा शुरू की गई इस परंपरा का निर्वहन आज भी कर रहें हैं और इस आयोजन के जरिए आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सौहार्द को बढ़ावा दे रहे हैं।






