क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की कामना के साथ अमर सुल्तानिया विभिन्न धार्मिक आयोजनों में हुए शामिल
जांजगीर-चांपा। क्षेत्र में निरंतर आयोजित हो रहे धार्मिक कार्यक्रमों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इन आयोजनों में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, जशपुर जिला संगठन प्रभारी एवं समाजसेवी अमर सुल्तानिया शामिल होकर श्रद्धालुओं से मुलाकात की और क्षेत्र तथा क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।इसी क्रम में अमर सुल्तानिया ने चांपा में आयोजित ‘श्रीमद्भगवद् गीता का सार’ कार्यक्रम में सहभागिता की, जहां राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी ने गीता के आध्यात्मिक रहस्यों एवं जीवन मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके पश्चात वे जांजगीर के वार्ड क्रमांक 07 में पार्षद विष्णु यादव के निवास पर आयोजित ‘संगीतमय श्री शिव महापुराण सप्ताह कथा’ में शामिल हुए और परिवारजनों को आयोजन के लिए साधुवाद दिया। सुल्तानिया ने ग्राम कुदरी (घुठिया) में आयोजित ‘नवधा रामायण’ में सहभागिता कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। ग्राम बंसतपुर में आयोजित नवधा रामायण महोत्सव में भी उन्होंने ग्रामीणों के साथ भक्ति और संस्कृति की परंपरा को साझा किया। वहीं ग्राम कोटाडबरी (चांपा) में आयोजित नवधा रामायण कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के साथ मानस गान एवं कथा प्रसंगों का श्रवण किया।इस भक्तिमय श्रृंखला में वे ग्राम पाली (सिवनी) में आयोजित ‘श्री शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ’ में शामिल हुए। इस अवसर पर यजमान मीरा बाई–नरोत्तम कश्यप एवं मनीषा देवी–रघुनंदन कश्यप सहित श्री बांकेबिहारी सेवा समिति और ग्रामवासियों के प्रयासों की उन्होंने सराहना की।इन भक्तिमय आयोजनों में अमर सुल्तानिया ने भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा धर्म, आस्था और सेवा को निरुपित किया। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि यह मनुष्य को सत्य, करुणा, संयम और परोपकार का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि जब समाज में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बनता है, तब लोगों के भीतर नैतिकता, आपसी विश्वास और सामाजिक एकता स्वतः मजबूत होती है।
उन्होंने रामायण, गीता और शिव महापुराण जैसे ग्रंथ को केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा देने वाले मार्गदर्शक बताया साथ ही कहा कि इनके संदेशों को आत्मसात कर हम परिवार, समाज और राष्ट्र को सशक्त बना सकते हैं। श्री सुल्तानिया ने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ें, क्योंकि यही हमारी पहचान और शक्ति है।
इन भक्तिमय आयोजनों के दौरान अमर सुल्तानिया के साथ भाजपा नेता जितेंद्र खांडे, सुनील पाण्डेय, साकेत तिवारी, रामेश्वर, गोलू दुबे, सुनील भवानी, प्रदीप राठौर सहित साथीगण मौजूद रहे।





