*ओड़ेकेरा धान खरीदी केंद्र के हर बोरी में छिपा है भ्रष्टाचार,, अब बोरियों से निकल रहे रेत लगातार*
तहसीलदार और उनके टीम द्वारा औचक निरीक्षण कर जांच, पंचनामा बनाने के बाद भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं...

सक्ति जिले के जैजैपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत ओडेकेरा जहां शुक्रवार की मध्य रात्री धान खरीदी केंद्र प्रभारी संतोष चंद्रा के द्वारा लगभग दो सौ क्विंटल धान को तौल कर स्टेक लगाया गया था जिसे प्रभारी द्वारा खोल कर बारदाने में ढेरी लगा कर रेत मिलाया जा रहा था तहसीलदार द्वारा मौके पर पहुंच कर जांच किया गया था और जांच के दौरान धान में रेत मिलाने की बात सामने आई थी लेकिन अभी तक कार्यवाही नहीं की गई है
*पांच दिन बीत जाने के बाद भी जांच नहीं आखिर किसका इंतेज़ार कर रहे अधिकारी*
प्रभारी संतोष चंद्रा द्वारा इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद भी किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की जा रहीं है जब की धान में रेत मिलाते तहसीलदार के द्वारा मौके पर पकड़ा गया था और तुरंत पंचनामा बना कर कार्यवाही करने की बात कही गई थी लेकिन पूरे पांच दिन बीत जाने के बाद भी न तो जांच की गई है और न ही किसी प्रकार की कार्यवाही हुई है आखिर अब जांच अधिकारयों को किसका इंतेज़ार है
**सोमवार को राइस मिलर द्वारा धान उठाव करते समय बोरी से निकलने लगा रेत*
धान खरीदी केंद्र से धान उठाव के लिए ट्रकों की लाइन लग रही हैं लेकिन धान में रेत मिलाने की बात पूरे जिले के साथ साथ राज्य में उजागर हो चुकी है जिसके चलते राइस मिल के मिलर द्वारा अपने कर्मचारियों को ओड़ेकेरा खरीदी केंद्र से धान उठाते समय जांच कर उठाने की बात किया गया है
इसी बात को लेकर जब कर्मचारी के द्वारा उठाव के दौरान बोरी में परखी के माध्यम से धान की बोरी में जांच किया गया तब पाया गया कि अनेकों बोरी में भारी मात्रा में रेत निकालना चालू हो गया जिसके बाद कर्मचारी दंग रह गया और मौके पर दिखाने के लिए वीडियो भी बनाया जिसमे साफ साफ दिख रहा है कि प्रभारी द्वारा कितनी बड़ी गड़बड़ी की जा है बोरियों से रेत निकलने के बाद भी ओड़केरा धान खरीदी केंद्र से लगातार हो रहा उठाव भारी मात्रा में रेत मिलाते पकड़े जाने के बाद अब बोरियों के अंदर से रेत निकलने का मामला सामने आने के बाद भी अधिकारियों के द्वारा उठाव रोकने के बजाए लगातार उठाव जारी है जिससे अधिकारियों की मिलीभगत साफ नजर आ रही है
*खुले मैदान में खरीदी केंद्र के पीछे डंप रेत*
*किसके लिए*
भ्रष्टाचार को जन्म देने वाले प्रभारी के द्वारा खरीदी केंद्र के पीछे पहले से डंप करा कर रखा गया हैं रेत ताकि उस रेत से अपना कली कमाई कर सके
किसानों के धान को एक एक दान जांच कर लिया गया है तो इतनी मात्रा में रेत कहा से आया या तो प्रभारी ने धान खरीदी करते समय किसानों से लेनदेन किया होगा या फिर स्वयं इस रेत को बोरी में भारा होगा
*किसानों के मेहनत में कमी निकालने वाले अधिकारियों ने स्वयं की गलती पर साधी चुप्पी*
धान खरीदी केंद्र में किसानों की मेहनत की कमाई से उपजाए गए धान को जब लेजाया जाता था तब धान में हल्की नमी या छोटे पत्थरों के टुकड़े मिलने पर उस किसान को वापस लौटा दिया जाता था या फिर उसे चलाने के लिए अलग हिसाब किया जाता था जिसके चलते किसान को अपने खून पसीने की कमाई के कुछ हिस्से दान भी करने पड़ते थे लेकिन अब उसी जांच करने वाले अधिकारी के द्वारा किसानों को बदनाम करने के लिए साफ सुथरे धान के बोरियों में रेत मिला कर अपना कारनामा छिपाने किसानों का ले रहे नाम अधिकारियों ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है
*घोटाले के दाग लिए प्रभारी संतोष चंद्रा को हर बार नई जिम्मेदारी आखिर क्यों*
ओड़ेकेरा धान खरीदी प्रभारी संतोष चंद्रा पर करोड़ों रुपए के गबन का आरोप पहले से लगा हुआ है लेकिन अधिकारियों के द्वारा जांच करने के बजाए फाइल को कोने में फेक दिया गया है जब की पूरे अधिकारियों को पता है कि इस पर अनेकों भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके है फिर भी हर बार एक नई जिम्मेदारी दे दी जा रही है जिसके चलते हर बार बिना कार्यवाही के खुले घूमने वाले प्रभारी द्वारा जान बुझा कर गलती किया जा रहा है क्यों कि उनको पता है मै कितना गलती करु मेरा कुछ होने वाला नहीं है
*भौतिक सत्यापन में हो सकता है बड़ा खुलासा*
धान खरीदी केंद्र में ओड़ेकेरा में भौतिक सत्यापन होने पर हो सकता है बड़ा खुलासा
आखिर लगभग 100 क्विंटल धान कहा से और कैसे खुले में ढेरी लगा हुआ है और कितना धान खरीदा गया कितना उठाव किया गए हैं जिससे बड़ी गड़बड़ी सामने आने की संभावना है
अब देखना होगा कि खरीदी प्रभारी पर कार्यवाही होती है या अधिकारियों की कृपा बरसती है





