अचानकमार टाइगर रिज़र्व का ADB ने किया निरीक्षण, संरक्षण योजनाओं और फंडिंग गैप पर हुई अहम समीक्षा

मुंगेली |प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक (PCCF & CWLW) के मार्गदर्शन में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के अधिकारियों की एक टीम ने मंगलवार को अचानकमार टाइगर रिज़र्व (ATR) का भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने रिज़र्व में संचालित संरक्षण गतिविधियों का गहन अवलोकन करते हुए वर्तमान वित्तीय आवश्यकताओं और अंतरालों का आकलन किया।
ADB प्रतिनिधिमंडल के समक्ष वन्यप्राणी प्रबंधन, आवास संरक्षण और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं फील्ड डायरेक्टर ATR, उप संचालक, सहायक संचालक (कोर) सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने समुदाय आधारित संरक्षण मॉडल, ईको-डेवलपमेंट गतिविधियों और वैज्ञानिक निगरानी तंत्रों की जानकारी साझा की।
अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा ATR प्रबंधन और ADB के बीच तकनीकी संवाद एवं रणनीतिक समन्वय को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इसी क्रम में शिवतराई स्थित इंटरप्रिटेशन सेंटर में अचानकमार टाइगर रिज़र्व प्रबंधन एवं WWF-India के संयुक्त तत्वावधान में AITE 2026 (चरण-1) के अंतर्गत ATR एवं मरवाही वन मंडल के फील्ड स्टाफ के लिए रिफ़्रेशर प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
WWF-India की टीम से उपेंद्र दुबे (सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर) एवं डॉ. अनुराग विश्वकर्मा (वरिष्ठ परियोजना अधिकारी) ने लाइन ट्रांजेक्ट के दौरान शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्यप्राणियों की प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष पहचान, वनस्पति पहचान, डेटा कलेक्शन तथा कैमरा ट्रैपिंग के उपयोग पर प्रशिक्षण दिया।
वहीं ATR के वनपाल बृजभूषणदास मानिकपुरी एवं GIS सेल प्रभारी भूपेंद्र कौशिक द्वारा M-STRIPES मोबाइल ऐप, डिजिटल कम्पास, रेंज फाइंडर जैसे आधुनिक टूल्स के उपयोग की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नव नियुक्त 10 वनरक्षकों को भी वन्यप्राणी संरक्षण एवं प्रबंधन से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में अचानकमार टाइगर रिज़र्व एवं मरवाही वन मंडल के समस्त संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।





