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छत्तीसगढ

*सोननदी के पास नियम विरुद्ध जहरीली राखड डंपिंग ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा*

*ग्राम पंचायत गुंजियाबोड का मामला*

 

सक्ती – जिले के हसौद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गुंजियाबोड़ में सोन नदी के समीप बड़े पैमाने पर नियमविरुद्ध जहरीली राखड़ डंपिंग का गंभीर मामला सामने आया है। यहां कंपनियों से निकलने वाली राखड़ को सैकड़ों हाइवा वाहनों के माध्यम से नदी के बेहद करीब पाटने का कार्य लगातार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, बिलासपुर द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी बहती नदी, नाले या जलस्रोत से कम से कम 100 मीटर की दूरी तक राखड़ अथवा किसी भी प्रकार का जहरीला औद्योगिक अपशिष्ट डंप नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद गुंजियाबोड़ क्षेत्र में सोन नदी से मात्र 40 से 45 मीटर की दूरी पर खुलेआम राखड़ डंप की जा रही है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।

*बरसात में बढ़ेगा खतरा*

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह जहरीली राखड़ बहकर सीधे सोन नदी में समा जाएगी। इससे नदी का जल प्रदूषित हो जाएगा और आसपास के गांवों के लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि सोन नदी क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग स्नान करते हैं और इसी नदी के पानी का उपयोग पीने, निस्तारी और घरेलू कार्यों में किया जाता है।

*जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव की आशंका*

विशेषज्ञों के अनुसार, राखड़ में मौजूद जहरीले तत्व पानी में घुलने पर त्वचा रोग, सांस संबंधी बीमारियां, पेट के रोग सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। नदी का पानी प्रदूषित होने से न केवल मानव जीवन, बल्कि जलीय जीव-जंतुओं और कृषि भूमि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

*लालच में हो रहा पर्यावरण से खिलवाड़*

ग्रामीणों का आरोप है कि बड़ी रकम कमाने के लालच में कुछ प्रभावशाली लोग नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध राखड़ डंपिंग करा रहे हैं। प्रशासनिक निगरानी की कमी के चलते यह कार्य धड़ल्ले से जारी है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस पूरे मामले ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर मामले के उजागर होने के बाद संबंधित विभाग कब तक मौके पर जांच कर दोषियों के खिलाफ ठोस और सख्त कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

Mahendra Karsh Bureau

Political Correspondent Mahendra Karsh is a correspondent at INN24 News, reporting on elections, legislative developments, and political,local crime, trends at the state and national levels. He is committed to balanced reporting and verified information. Areas of Expertise • Electoral politics • Government policies • Political analysis • Local News and crime Editorial Responsibility He ensures accuracy, fairness, and transparency in all political coverage and follows ethical journalism practices. 📧 Contact: mkkarsh947@gmail.com Profile Last Updated: 16 January 2026