Korba News : कोरबा बाल संप्रेषण गृह से फिर फरार हुआ अपचारी बालक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
महज 9 दिन में फरार हुए अपचारी बालक ने बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर खड़े किए सवाल

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16 साल 3 माह का अपचारी बालक बाल संप्रेषण गृह से फरार
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खिड़की की रॉड तोड़कर भागने से सुरक्षा पर सवाल
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पहले भी हो चुकी हैं फरारी की कई घटनाएं
Korba News: कोरबा के कोहड़िया स्थित बाल संप्रेषण गृह से एक बार फिर 16 साल 3 माह के अपचारी बालक के खिड़की की रॉड तोड़कर फरार होने की घटना ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। इस बार यह बालक जंजगिर जिले के वार्ड नंबर 19 का रहने वाला है, जिसे चोरी के आरोप में नौ तारीख को ही इस गृह में लाया गया था। महज नौ दिनों के भीतर उसके फरार हो जाने से गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी इसी गृह से किशोरों के भागने की कई वारदातें हो चुकी हैं।
बाल संप्रेषण गृह में सुरक्षा की यह चूक गंभीर चिंता का विषय है। कुछ माह पूर्व ही इसी गृह से तीन अपचारी बालक किचन शेड में काम करते समय मौका पाकर भाग गए थे। हालांकि, बाद में उनमें से एक बालक वापस आ गया था। इस घटना के बाद ही मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने गृह का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, एक और बालक का भाग जाना गृह की खामियों और कर्मचारियों की लापरवाही को उजागर करता है। वर्तमान में गृह में कुल 33 अपचारी बालक निरुद्ध हैं। राज्य बाल संरक्षण आयोग ने पिछली घटनाओं में लापरवाही की जांच भी की थी, जिसमें पाई गई कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया गया था।
पूर्व में फरार हुए तीन बालकों में से एक अपने परिजनों के पास पहुंच गया था, जिन्हें सूचना मिलने पर उन्होंने उसे समझाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया था, जिसके बाद उसे वापस गृह लाया गया था। इससे पहले भी चार किशोर रोशनदान तोड़कर भाग चुके हैं। दर्री मार्ग पर कोहड़िया बस्ती के पास नए सरकारी भवन में बाल संप्रेषण गृह के स्थानांतरित होने के दूसरे दिन ही चार किशोर रोशनदान तोड़कर भाग गए थे। इसके बाद रसोईघर में चल रहे निर्माण कार्य और कर्मचारियों की लापरवाही का फायदा उठाकर तीन अन्य किशोर भी फरार हुए थे। कुछ माह पूर्व रिसदी में संचालित बाल सुधार गृह का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें बच्चों के साथ रील बनाई गई थी, जिस पर विभाग ने कार्रवाई की थी।




