
Ahmedabad Plane Crash: एअर इंडिया फ्लाइट 171 के भयानक हादसे की जांच में नया विवाद सामने आया है। जांचकर्ताओं ने मृत कैप्टन सुमीत सभरवाल के रिश्तेदार, कैप्टन वरुण आनंद को समन भेजा है। पायलट फेडरेशन ने इस कदम पर सख्त आपत्ति जताई है। इंडियन पायलट्स फेडरेशन ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को कानूनी नोटिस भी भेजा है। एअर इंडिया ने कैप्टन वरुण आनंद को सूचित किया कि उन्हें जांच के सिलसिले में बुलाया गया है, लेकिन फेडरेशन का कहना है कि ब्यूरो ने यह स्पष्ट नहीं किया कि समन क्यों जारी किया गया।
Bijapur Naxali Surrender: लाल आतंक से तौबा, 20 से ज्यादा नक्सली डेडलाइन से पहले करेंगे सरेंडर
फेडरेशन ने जताई आपत्ति
फेडरेशन ने जोर देकर कहा कि कैप्टन आनंद का फ्लाइट एआई-171 से कोई सीधा संबंध नहीं है। वह न तो फ्लाइट प्लानिंग में शामिल थे, न ही क्रैश साइट पर मौजूद थे। वह न तो कोई फैक्टुअल विटनेस हैं, न टेक्निकल और न ही एक्सपर्ट विटनेस। उनका कहना है कि कैप्टन आनंद को सिर्फ इसलिए बुलाया गया क्योंकि वह कैप्टन सुमीत सभरवाल के रिश्तेदार हैं। फेडरेशन को शक है कि जांचकर्ताओं के मन में पहले से ही एक नैरेटिव तैयार है और वे जिम्मेदारी मृत फ्लाइट क्रू पर डालने की कोशिश कर रहे हैं।
जांच के नियमों का हवाला
फेडरेशन ने इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (आईसीएओ) के नियमों का हवाला दिया है। उनके मुताबिक, जांच में परिवार के सदस्यों को बुलाना गैरकानूनी है। फिर भी, कैप्टन आनंद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने को तैयार हैं। यह हादसा 12 जून को हुआ था, जब अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया फ्लाइट 171 टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही क्रैश हो गई। प्लेन एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराया, जिसमें 12 क्रू मेंबर्स और 230 पैसेंजर्स में से 229 की मौत हो गई। कुल 260 लोगों की जान गई, जबकि सिर्फ एक पैसेंजर चमत्कारिक रूप से बच गया।





