कोयले में 25 रुपए प्रति टन की अवैध वसूली से जुटाए गए 540 करोड़ रुपए, नेताओं,अफसरों में बांटे गए
न्यूज सोर्स: ED-EOW चार्जशीट
कोयले में 25 रुपए प्रति टन की अवैध वसूली से जुटाए गए 540 करोड़ रुपए, नेताओं,अफसरों में बांटे गए

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में कोयला लेवी घोटाले से कमाए गए करीब 540 करोड़ रुपये का इस्तेमाल चुनावी खर्च, नेताओं और अफसरों को रिश्वत देने व संपत्तियां खरीदने में किया गया। छत्तीसगढ़ में यह घोटाला पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ था। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 2.66 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। ये संपत्तियां निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया और आरोपी निखिल चंद्राकर से जुड़ी हैं। सौम्या मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर तैनात थीं। एजेंसी ने कुल आठ अचल संपत्तियों को कुर्क किया है, जिनमें भूखंड व आवासीय फ्लैट शामिल हैं। आरोपियों ने ये संपत्तियां कथित अपराध की कमाई से रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी थीं। ईडी का आरोप है, जुलाई, 2020 से जून, 2022 के बीच निजी व्यक्तियों, वरिष्ठ नेताओं एवं नौकरशाहों की मिलीभगत से सिंडिकेट बनाया गया, जिसने कोयला परिवहन करने वालों से प्रति टन 25 रुपये की दर से अवैध वसूली की और करीब 540 करोड़ रुपये जुटाए।
मामले में अब तक 35 आरोपी बनाए गए हैं, जिनके खिलाफ एफ आई आर की गई है। जांच एजेंसी मामले में अब तक पांच आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है, जिनमें 35 व्यक्तियों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। इस केस में सौम्या सहित 10 लोगों को ईडी ने गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई।
कोल मामले में इन आरोपियों पर FIR
कवासी लखमा, पूर्व मंत्री
बृहस्पत सिंह, पूर्व विधायक
चंद्रदेव प्रसाद राय, पूर्व विधायक
रानू साहू, निलंबित IAS
शिवशंकर नाग, खनिज अधिकारी
रौशन कुमार सिंह, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
पारिख कुरें, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
रजनीकांत तिवारी, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
नवनीत तिवारी, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
राहुल मिश्रा, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
विनोद तिवारी, पीईपी
देवेंद्र यादव, विधायक
गुलाब कमरो, पूर्व विधायक
यूडी मिंज, पूर्व विधायक
सौम्या चौरसिया, पूर्व उप सचिव, सीएम कार्यालय
सूर्यकांत तिवारी, कोल कारोबारी
निखिल चंद्राकर, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
मोइनुद्दीन कुरैशी, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
हेमंत जायसवाल, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
दीपेश टांक, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
रामगोपाल अग्रवाल, तत्कालीन कोषाध्यक्ष, कांग्रेस
इदरीश गांधी, पीईपी
अमरजीत भगत, पूर्व खाद्य मंत्री
शिशुपाल सोरी, पूर्व विधायक
समीर विश्नोई, निलंबित IAS
संदीप कुमार नायक, सहायक खनिज अधिकारी
मनीष उपाध्याय, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
राहुल सिंह, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
वीरेंद्र जायसवाल, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
जोगिंदर सिंह, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
देवेंद्र डडसेना, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
राम प्रताप सिंह, तत्कालीन प्रवक्ता कांग्रेस
सुनील कुमार अग्रवाल, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
लक्ष्मीकांत तिवारी, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
जय, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी
चंद्रप्रकाश जायसवाल, सूर्यकांत तिवारी के अधीनस्थ कर्मचारी





