Cyber Fraud: ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए जान लें हैकर्स के 5 खतरनाक तरीके

Cyber Fraud: डिजिटल वर्ल्ड और टेक्नोलॉजी के बढ़ते दौर में ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों के साथ ठगी करने की कोशिश करते हैं। पिछले साल भारत के लगभग हर शहर से साइबर ठगी के बड़े मामले सामने आए हैं। क्रिमिनल्स लोगों के साथ फ्रॉड करने के लिए कुछ कॉमन तरीके का इस्तेमाल किया और बैंक अकाउंट खाली कर दिया। इनमें से 5 ऐसे कॉमन तरीके हैं, जिसका इस्तेमाल हर स्कैमर करते हैं। अगर, आपको भी इन तरीकों के बारे में जानकारी होगी, तो खुद को फ्रॉड से सुरक्षित रख सकते हैं।
ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले क्रिमिनल्स लोगों को सबसे पहले अपनी जाल में फंसाते हैं। इसके लिए वो सोशल इंजीनियरिंग का तरीका इस्तेमाल करते हैं। अपनी जाल में लोगों को फंसाने के बाद उनकी निजी जानकारियां कलेक्ट करते हैं और फिर उनके साथ ठगी करते हैं। हैकर्स लोगों के साथ ठगी करने से पहले उनकी हर छोटी-बड़ी एक्टिविटी को मॉनिटर करते हैं, ताकि उनको अपनी बातों में आसानी से उलझाया जा सके। आइए, जानते हैं क्रिमिनल्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 कॉमन तरीकों के बारे में…
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डिजिटल अरेस्ट
साइबर अपराधियों को लिए डिजिटल अरेस्ट सबसे कॉमन तरीका बन गया है। इसमें लोगों को पुलिस या अधिकारी बनकर फर्जी कॉल किया जाता है। उनके करीबी के अरेस्ट होने की बात कही जाती है और छुड़ाने के लिए पैसों की वसूली की जाती है। डिजिटल अरेस्ट के बीते कुछ सालों में कई मामले सामने आए हैं, जिनमें क्रिमिनल्स ने लोगों के साथ करोड़ों की ठगी की है। पीएम मोदी ने भी मन की बात में डिजिटल अरेस्ट का जिक्र किया है और इससे बचने के तरीके के बारे में बताया है।
फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कैम
गृह मंत्रालय की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी I4C की मानें तो फेक इन्वेस्टमेंट स्कैम के कई मामले पिछले साल सामने आए हैं। क्रिमिनल्स विक्टिम को वॉट्सऐप, टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया ग्रुप में पहले शामिल करते हैं, फिर उन्हें इन्वेस्टमेंट के हाई प्रॉफिट का सजेशन देते हैं। शुरुआत में फेक इन्वेस्टमेंट में पैसे लगाने के बाद लोगों को छोटी-मोटी रिटर्न देते हैं, ताकि उनको स्कैमर पर भरोसा हो सके। इसके बाद बड़े इन्वेस्टमेंट के नाम पर मोटी रकम लूट ली जाती है।
डिलीवरी स्कैम
इन्वेस्टमेंट के अलावा डिलीवरी या पार्सल स्कैम के भी कई मामले सामने आए हैं। हैकर्स पहले विक्टिम को कॉल करते हैं और बताते हैं कि उनके नाम का कोई पार्सल आया है, जिसमें कुछ गैरकानूनी डॉक्यूमेंट्स, ड्रग्स आदि मिले हैं। पुलिस या अधिकारी बनकर स्कैमर कॉल करते हैं और उसे छुड़ाने के लिए पैसों की डिमांड की जाती है और फिर विक्टिम का बैंक अकाउंट खाली कर लिया जाता है।
वर्क फ्रॉम होम स्कैम
यह भी एक कॉमन स्कैम का तरीका बन गया है। स्कैमर्स लोगों को फर्जी वर्क फ्रॉम होम के जॉब ऑफर में फंसाकर उनके निजी डॉक्यूमेंट्स कलेक्ट करते हैं। इसके बाद उनके साथ फ्रॉड करते हैं। इसके अलावा लोगों को शुरुआत में कुछ सिंपल टास्क असाइन करते हैं और उनके अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करते हैं। फिर उनको हाई रिटर्न का लालच देकर उनके साथ फ्रॉड करते हैं। यह तरीका जॉब सीकर्स को फंसाने के लिए बेहद कारगर साबित होता है।
सिम स्वैप/कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम
साइबर क्रिमिनल्स लोगों को सिम स्वैप और कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए भी अपना शिकार बनाते हैं। लोगों को टेलीकॉम कंपनी के एजेंट बनकर ऑफर बताते हैं या फिर तकनीकी दिक्कत के लिए सिम कार्ड बदलने की सलाह देते हैं। इसके बाद नया सिम जारी कराने के लिए डॉक्यूमेंट की मांग करते हैं। हैकर्स यूजर के डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल करके उनके नंबर का सिम अपने फोन में एक्टिवेट करा लेते हैं ताकि विक्टिम के नंबर पर आने वाले OTP और कॉल उन्हें रिसीव हो सके। इसके बाद फ्रॉड को अंजाम दिया जाता है। कॉल फॉरवर्डिंग में भी विक्टिम के नंबर पर आने वाले सभी कॉल्स हैकर्स अपने नंबर पर फॉरवर्ड करा लेते हैं और फ्रॉड को अंजाम देते हैं।
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कैसे बचें?
गृह मंत्रालय ने ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही, किसी अनजान नंबर से आने वाले कॉल और मैसेज को इग्नोर करने की सलाह दी है। लोगों को कहा गया है कि वो किसी भी लालच में न फंसे और अपनी निजी जानकारियां किसी के साथ शेयर न करें। ऐसा करने से वो ऑनलाइन फ्रॉड से बचे रह सकते हैं।





