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Chhattisgarhछत्तीसगढ

भगवान् श्री बलराम जयंती – किसान दिवस अवसर पर कार्यशाला संपन्न

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर : कृषि विज्ञान केंद्र, जांजगीर – चांपा में आज दिनांक 29 अगस्त को कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर – चांपा और कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग जिला जांजगीर – चांपा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित भगवान् श्री बलराम जयंती – किसान दिवस के अवसर पर “प्राकृतिक खेती, गौ कृषि वाणिज्यम एवं तिलहन उत्पादन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न ग्रामों से आए किसानों, कृषक महिलाओं, कृषक संगठनों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने 132 से अधिक संख्या में भागीदारी की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बी पी सिंह साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष किसान मोर्चा ने समस्त अतिथियों के साथ भगवान बलराम जी की पूजा अर्चना करते हुए कार्यक्रम की विधिवत शुभारंभ किए एवं अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान् बलराम को कृषि और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। वे कृषकों के संरक्षक और ग्रामीण जीवन के प्रेरणास्रोत हैं। भगवान बलराम जी का योगदान कृषि में अतुल्य एवं महत्वपूर्ण है ।आज जिला वर्ष भर धान की महंगी खेती से कई चुनौती का सामना कर रहा है इस हेतु फसल विधिकरण अपनाना आवश्यक एवं महत्वपूर्ण हो गया है साथ ही किसानों के लिए प्राकृतिक खेती और गौ आधारित कृषि पद्धति ही समाधान है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जैविक एवं देशी उपायों को अपनाकर खेती की लागत घटाएँ और आय बढ़ाएँ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जायसवाल , एवं भारतीय किसान संघ के जिला सह मंत्री छेदीलाल यादव ने की । उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि तिलहन फसलों का उत्पादन देश की खाद्य तेल आत्मनिर्भरता से जुड़ा हुआ है। यदि किसान संतुलित उर्वरक प्रयोग, उन्नत बीज एवं कीट प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से अपनाएँ तो तिलहन उत्पादन में प्रदेश को अग्रणी बनाया जा सकता है।
विशिष्ट अतिथि डॉ अजय अग्रवाल , उपसंचालक कृषि ललित मोहन भगत , भारतीय किसान संघ से रोशन पटेल , किसान मोर्च से सिंह जी महामंत्री किसान मोर्चा ने कहा कि भारतीय कृषि की नींव गौ आधारित रही है। गौवंश से प्राप्त संसाधनों—गोबर, गोमूत्र, जीवामृत आदि—का उपयोग कर किसान मृदा की उर्वरता को बनाए रख सकते हैं और फसल उत्पादन में स्थिरता ला सकते हैं। उन्होंने धान के बदले फसल परिवर्तन कर आधारित खेती को अपनाने एवं किसानों को संगठित होकर कृषि में नवाचार अपनाने की सलाह दी ।
डॉ के डी महंत , वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर – चांपा ने अपने तकनीकी व्याख्यान में बताया कि प्राकृतिक खेती एक बहुत ही महत्वपूर्ण पद्धति है जिसमें मृदा स्वास्थ्य और पोषण चक्र में सुधार होता है बल्कि उत्पादन लागत में भी उल्लेखनीय कमी देखी गई । उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गौ उत्पाद आधारित जीवामृत और घनजीवामृत का उपयोग किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है।
डॉ मनीष कुमार सिंह ने जैविक एवं प्राकृतिक कृषि की उद्देश्य, सिद्धांत, एवं महत्त्व की वैज्ञानिकता पर विस्तृत प्रकाश डाले ।
डॉ पुष्पलता एवं डॉ पूनम पटेल जी ने पशु पालन की प्राकृतिक खेती की उपयोगिता पर प्रकाश डाला । केंद्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ सूर्यवंशी ने कहा कि किसान तिलहन आधारित बहुफसली प्रणाली तथा फल-सब्जी उत्पादन को जोड़कर एवं फसल विधिकरण को अपनाकर अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं।
ललित मोहन भगत ने उप संचालक कृषि ने किसानों को तिलहन प्रोत्साहन योजनाओं, समर्थन मूल्य नीति और प्राकृतिक कृषि को अपनाने की बात कही साथ ही अधिकाधिक किसानों को इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।
मत्स्य वैज्ञानिक प्रदीप कुमार ने मछली पालन एक लाभकारी व्यवसाय विषय पर जानकारी प्रस्तुत किए ।
डॉ मोदी जी ने गौ वाणिज्यम की रूप रेखा एवं वैज्ञानिकता पर प्रकाश डाले
साथ ही डॉ आशुलता ने प्राकृतिक कृषि में मशीनों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी ।
कार्यक्रम में शामिल केंद्र के ई – किसान एवं मास्टर ट्रेनर श्री दिनदयाल यादव जी ने किसानों को अनेक नवाचार के संबद्ध में जानकारी दी एवं कृषि विज्ञान केन्द्र से जुड़कर कार्य करने की अपील की ।
SBI रोजगार प्रशिक्षण संस्थान से श्री पांडेय जी ने भी किसानों का मार्गदर्शन किया । कार्यक्रम में उपस्थित शक्ति जिला से वरिष्ठ पत्रकार योम प्रकाश लहरे ने भी कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका एवं किसानों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा खेती किसानी के उन्नत तकनीक, वैज्ञानिक खेती व नवाचारी गतिविधियों के लिए किसानों से अपील किया कि वो कृषि विज्ञान केन्द्र से जुड़े रहकर खेती किसानी के क्षेत्र में आगे बढ़ें।‌
इस अवसर पर किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और गौ-आधारित खेती, तिलहन उत्पादन तथा प्राकृतिक खेती के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की।

एक दिवसीय भव्य कार्यक्रम में जिले के 5 नवाचारी किसानों का सम्मान किया जिसमें शिव कुमार तिवारी ( नवागढ़) रामकुमार बंजारे ( अकलतरा ) उदय मधुकरक(सक्ती) भारतीय किसान संघ से जुड़े किसान छेदी लाल यादव ( बलौदा) , वरिष्ठ पत्रकार योम प्रकाश लहरे के नाम शामिल थे।‌ इस मौके पर उपस्थित उपस्थित किसानों ने बताया कि इस तरह की कार्यशाला एवं प्रशिक्षण और बाज़ार से जुड़ी सुविधाएँ उपलब्ध हों तो वे रसायन आधारित खेती से हटकर प्राकृतिक पद्धति को अपनाने के लिए आगे बढ़ेंगे।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रंजीत मोदी जी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
सरकार के निर्देशन में आयोजित किसानों के लिए आत्मनिर्भर, टिकाऊ एवं लागत-कटौती आधारित कृषि पद्धति के प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा ।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026