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‘हमारे सभी मिलिट्री बेस एक्टिव और जरूरत पड़ने पर हर मिशन के लिए तैयार…’, सेना का बड़ा बयान

नई दिल्ली: भारत पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर सेना की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. वायुसेना ने कहा कि 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. पाकिस्तान की तरफ से की गई कार्रवाई ने हमें जवाब देने पर मजबूर किया. पाकिस्तान की तरफ से हमारे ऊपर चीनी मिसाइल से हमला किया गया लेकिन वह हमारे एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में नाकाम रहे. हमारे डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया.

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वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा, “हवाई क्षेत्र सहित सतत निगरानी को स्थिर करने के लिए समुद्री बल का उपयोग किया गया. नौसेना एक साथ हवा, सतह और उप-सतह खतरों का पता लगाने में सक्षम थी. समुद्री बल सतत निगरानी सुनिश्चित करने में सक्षम था. कई सेंसर और इनपुट का प्रभावी ढंग से उपयोग करके हम निरंतर निगरानी बनाए रख रहे हैं. यही कारण है कि हम इन खतरों को बेअसर करने में सक्षम थे. हमने अधिकतम रडार का उपयोग किया और सभी उड़ने वाली वस्तुओं को देखा, चाहे वह ड्रोन हो, लड़ाकू जेट हो.”

उन्होंने आगे कहा कि ये सभी एक जटिल स्तरित रक्षा तंत्र की छत्रछाया में संचालित किए जाते हैं. कोई भी हवाई लक्ष्य जो इस बुलबुले में घुसने का प्रयास करता है, उसका पता लगाया जाता है और वाणिज्यिक, तटस्थ और खतरे वाली वस्तुओं के बीच अंतर करने के लिए उसकी पहचान की जाती है.
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा, “हमारे पायलट हमारे विमानों में दिन और रात काम करने में सक्षम हैं. किसी भी दुश्मन के विमान को हमारी जमीन के कई किलोमीटर के करीब भी नहीं आने दिया गया. कोई भी विमान सैकड़ों किलोमीटर के भीतर नहीं आ सकता. हमने अपनी एंटी मिसाइल और एंटी एयरक्राफ्ट तकनीक को प्रमाणित किया. हमारा ताकतवर युद्ध समूह दंड से मुक्त होकर काम करने में सक्षम था. प्रभावी रूप से इसने पाकिस्तानी समकक्षों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया. इसने पाकिस्तान को सीमा के करीब ही रहने के लिए मजबूर कर दिया.” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय नौसेना के प्रभुत्व ने यह साफ किया कि अगर हम चाहें तो अपनी इच्छानुसार हमला कर सकते हैं.
इसके बाद एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा कि हमारे सभी मिलिट्री बेस, इक्विपमेंट्स और सिस्टम चालू हैं और किसी भी तरह की जरूरत पड़ने पर मिशन के लिए तैयार हैं.