CG घोटाला: बच्चों के नाम पर लाखों की हेराफेरी, 4 हॉस्टल अधीक्षक सस्पेंड

बीजापुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पोटाकेबिन आवासीय विद्यालयों में बच्चों के नाम पर लाखों रुपए के घोटाले का मामला सामने आया है. बच्चों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर राशन में लाखों रुपये की राशि आहरित की गई. वहीं भोजन मद से अतिरिक्त भुगतान और मेस चार्ज का सही लेखा-जोखा न रखने जैसी गंभीर अनियमितताएं भी उजागर हुईं. जांच में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद शासन ने चार प्रभारी अधीक्षकों को निलंबित कर दिया है.
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शासन की ओर से निलंबित किए गए अधीक्षकों में आदित्य ठाकुर, प्रभारी अधीक्षक नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालक आवासीय विद्यालय भटवाड़ा, लक्ष्मीनारायण ओढदल, प्रभारी अधीक्षक आवासीय विद्यालय सेण्ड्रापल्ली, पुष्पलता सोनी, प्रभारी अधीक्षक आवासीय विद्यालय संगमपल्ली और रघुनंदन मौर्य, प्रभारी अधीक्षक आवासीय विद्यालय भटवाड़ा शामिल हैं.
दरअसल, पोटाकेबिन विद्यालयों में वित्तीय अनियमितता और राशन घोटाले की शिकायत जिला शिक्षा विभाग को प्राप्त हुई थी. शिकायत के बाद संयुक्त संचालक शिक्षा ने जांच के आदेश दिए. गठित जांच दल ने विभिन्न पोटाकेबिनों में पहुंचकर दस्तावेजों और वास्तविक उपस्थिति का मिलान किया. जांच के दौरान पाया गया कि दस्तावेज में विद्यार्थियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत दर्शाई गई थी, जबकि मौके पर आधे से भी कम छात्र मौजूद थे. जांच टीम के अनुसार पिछले वर्ष जुलाई से अक्टूबर के बीच बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित थे, इसके बावजूद उनके नाम पर नियमित रूप से सब्जी और राशन की खरीदी दर्शाई गई.
सवाल यह उठता है कि जब छात्र उपस्थित ही नहीं थे, तब राशन और सब्जी की आपूर्ति किस आधार पर की गई. प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि राशन व सब्जी के नाम पर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया. शासन ने मामले को गंभीर मानते हुए चारों अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है. आगे की जांच में और कार्रवाई की बात कही जा रही है.
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कुछ महीने पहले बीजापुर के पोटाकेबिन आवासीय विद्यालयों में उजागर हुए भ्रष्टाचार प्रकरण में प्रशासन ने केवल एक निचले स्तर के कर्मचारी पर कार्रवाई की थी. अब यह देखना होगा कि क्या इस बार भी कार्रवाई अधीक्षकों के निलंबन तक ही सीमित रहेगी, या फिर पूरे मामले की गहन, निष्पक्ष और व्यापक जांच कर उच्च स्तर तक जिम्मेदारी तय की जाएगी?





