CHHATTISGARH

विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल बस्तर के विश्व प्रसिद्ध दशहरा के बेल पूजा विधान मे हुआ सम्मिलित

रविंद्र दास

बस्तर_दशहरा पर्व की एक और महत्वपूर्ण रस्म #बेल_पूजा अदा की गई. इस रस्म में बेलवृक्ष और उसमें एक साथ लगने वाले दो फलों की पूजा का विधान हैl जगदलपुर शहर से लगे ग्राम सरगीपाल में वर्षों पुराना एक बेलवृक्ष है, जिसमें एक के अलावा दो फल भी एक साथ लगते हैंl बेल रस्म को बस्तर के लोग अनोखे और दुर्लभ तरीके से मनाते हैंl इसी बेलवृक्ष और जोड़ी बेल फल की पूजा-अर्चना परंपरा अनुसार संपन्न किया गयाl दरअसल दो जोड़ी बेल फल को दोनों देवियों का प्रतीक माना जाता है l हर साल बेल न्योता में राजा स्वयं इस गांव में आकर जोड़ी बेल फल को सम्मानपूर्वक पुजारी से ग्रहण करतें है और उसे जगदलपुर स्थित माई दंतेश्वरी के मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ रखा जाता हैlइन बेल फलों के गूदे का लेप माईजी के छत्र पर किया जाता है और इसी से राजा स्नान भी करते हैंl बेल पूजा विधान के दौरान गांव सरगीपाल में उत्सव जैसा माहौल रहता हैl

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