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छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर सौतेले व्यवहार का लगाया आरोप l

रिपोर्टर विक्की निर्मलकर

छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ कोरबा के जिला अध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता को लेकर राज्य सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा निजी बस मालिकों छत्तीसगढ़ सरकार बर्बाद करने में लगा हुआ है छत्तीसगढ़ राज्य पत्र नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर द्वारा दिनांक 20.05.2014 को पुरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में सिटी बस संचालन के लिये प्रदेश के कोरबा जिले के लिए 48 सिटी बस संचालन के लिए दीपका, कोरबा, छुरीकला कलस्टर में कोरबा शहर के शहरी क्षेत्रों में चलने के लिए कोरबा जिले के नागरिकों के लिए सस्ती बस सुविधा के लिए सुडा के माध्यम से भारत सरकार ने प्रदेश सरकार के माध्यम से बसों को संचालन के लिए अरबन सोसायटी नगर पालिका निगम को प्रदान किया गया है। अरबन सोसायटी कोरबा द्वारा अभिवेक पूर्ण निर्णय लेते हुए 25 बसों का संचालन ठेकेदार की कमाई एवं निजी बस मालिकों को नुकसान करने के लिए एक ही समय सारिणी में संचालन कर 73 किमी. मार्ग के चलने वाले कटघोरा-चांपा, बालको-चांपा, बांकीमोंगरा चांपा, दीपका चांपा बसों को कोरबा जिले के नागरिकों से निजी बस सुविधा को सिटी बस से प्रतिस्पर्धा कराकर ठेकेदार की कमाई में सहयोग किया गया। ठेकेदार करोड़ों रुपये कमाकर सिटी बसों को जर्जर कर कोविड- 19 संकटकाल में बसों का संचालन बंद कर उच्च न्यायालय में अपनी धरोहर राशि 2 करोड़ रुपये सोसायटी से वापस करने के लिए अर्जी लगाकर सिटी बस ठेका छोड़ दिया। इस कोविड- 19 संकटकाल में भी निजी बस जिले एवं प्रदेश के यात्रियों को जनहित में सुविधा दे रही है। निजी बस को कोविड-19 संकटकाल में राज्य शासन द्वारा 3 माह की टैक्स माफी दी गई है। किन्तु स्कुल बस एवं सिटी बस को जुलाई 2022 तक टैक्स माफी 2-2 करोड़ रुपये सभी सोसायटी में देकर सिटी बस की रिपेयरिंग के लिए अरबन सोसायटी की बसों को प्रदान किया जा रहा है, जिससे दुबारा प्रदेश में सिटी बस का विधिवत संचालन हो सके, लेकिन प्रदेश में सबसे ज्यादा परिवहन टैक्स पटाने वाले निजी बस संचालकों के साथ शासन द्वारा सौलेला व्यवहार किया जा रहा है। टैक्स माफी के नाम पर 2019 में परिवहन के प्राधिकार के राज्य प्रत्र के अनुसार 2013 में टैक्स माफी एवं 2018 तक शास्ति व्याज की माफी को शासन द्वारा लगाई जा रही है। वह निजी बस संचालकों के साथ बेहुदा मजाक खुन के आंसू रोने के बराबर है। दूसरी तरफ अरबन सोसायटी कोरबा द्वारा हठधर्मिता अपनाते हुए छत्तीसगढ़ के राज्य पत्र की अवहेलना करते हुये जनहित की सिटी बस को चांपा-जांजगीर कलस्टर में कोरबा से चांपा सिटी बस चालु करने के लिए शासन को गलत जानकारी देकर परिवहन प्राधिकार के राज्य पत्र में बिना डीपीआर मार्ग कोरया-चांपा का संचालन कर कोरबा जिले के नागरिकों की सिटी बस की सुविधा छीनकर अनाधिकृत मार्ग कोरबा-चांपा को राज्य शासन के आदेश के बावजूद अभी तक विलोपित नहीं किया जा रहा है जिससे कि कोविड-19 संकटकाल में निजी बसों को निशाना बनाकर सिटी बस ठेकेदार की कमाई के लिए सोसायटी द्वारा निजी बस संचालकों को ठेका न लेने के लिए बदनाम किया जा रहा है जबकि सोसायटी के नियमानुसार 100 बस का मालिक ही ठेका ले सकता है। 1 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी मांगकर दुबारा कोरबा जिले के निजी बस संचालकों को
बर्बाद करने का फिर से प्रयास किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा परिवहन आयुक्त छत्तीसगढ़, अपर परिवहन आयुक्त छ.ग., संचालक नगरीय प्रशासन छ.ग. रायपुर, अपर सचिव परिवहन विभाग, सचिव नगरीय प्रशासन विकास विभाग छ.ग कार्यालय मुख्यमंत्री निवास छ.ग. द्वारा आयुक्त नगर पालिका निगम कोरबा, अरबन सोसायटी प्रदेन अध्यक्ष कोरबा, अनुविभागीय अधि कारी जिला कोरबा, जिला परिवहन अधिकारी जिला कोरबा के सिटी बस ठेकेदार की कमाई की जांच एवं बिना डीपीआर मार्ग में कोरबा जिले के अनाधिकृत मार्गों की जांच के लिए शासन का प्रतिवेदन भेजा रहा था, आज दिनांक तक कोई भी सही कार्यवाही नहीं की गई है जिससे निजी बस संचालक आज बहुत ही ज्यादा प्रताड़ित चल रहे हैं।

निजी बस सिटी बस का विरोध नहीं करता है। निजी बस संचालक भी चाहते हैं कोरबा जिले के नागरिकों के जनहित में सस्ती यस सुविधा मिल सके लेकिन सोसायटी रेल्वे स्टेशन कोरबा से जैलगांव, दर्री प्रतिक्षा बस स्टैंड से बांकीमोंगरा, टी.पी. नगर बस स्टैंड से गेवरा, रेल्वे स्टेशन, कोरया रेल्वे स्टेशन से आई.टी. कॉलेज, रेल्वे स्टेशन से आईटीआई, परसाभाठा, रुमगरा, जमनीपाली जैसे शहरी क्षेत्रों को छोड़कर ठेकेदार की कमाई के लिए जहां पर पूर्व से ही 100 निजी बसों का संचालन हो रहा हो वहां पर 25 बसें ठेकेदार की कमाई के लिए जनहित में चलाकर राज्य सरकार के राजस्व का नुकसान व निजी बस मालिकों की बर्बादी एवं सिटी बस व निजी बसों की आपसी स्पर्धा करवाकर उक्त मार्ग में दुर्घटना को न्यौता व निजी बसों को बर्बाद किया जा रहा है।

बृजेश कुमार त्रिपाठी ति छ.ग. यातायात महासंघ,

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