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12 साल की उम्र में दरिंदगी, रेप से जन्मे बेटे ने 27 साल बाद मां से कराई FIR, दिलाई आरोपी पिता को सजा

शाहजहांपुर : करीब 3 दशक पहले एक नाबालिग लड़की का रेप होता है. वो 12 साल की थी जब उसका बलात्कार किया गया. उसके बाद पीड़िता ने एक बेटे को जन्म दिया. बड़ा होकर जब उसे अपनी मां के साथ हुए अन्याय का पता चलता है तो वो उसे इंसाफ दिलाने की लड़ाई छेड़ देता है. ये सब पढ़ कर आपको लग रहा होगा की यह कोई फिल्म की कहानी है, लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ये कोई कहानी नहीं बल्कि असल ज़िन्दगी में घटित हुई घटना है.

बता दे कि यह उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का मामला है. यहां एक रेप पीड़िता को इंसाफ मिलने में 28 साल लग गए. खबर के मुताबिक घटना के समय पीड़िता की उम्र 12 साल थी. उसने रेप के बाद बेटे को जन्म दिया. 27 साल बाद बेटे ने ये सब जाना तो उसने मां को FIR दर्ज कराने के लिए राजी किया. 28 सालों बाद अब आरोपी को सजा सुनाई जाएगी.

गैंगरेप के बाद बेटा हुआ तो दूसरे को गोद दिया-

पीड़िता सदर बाजार थाना क्षेत्र में अपने बहन-बहनोई के यहां रहती थी, उसी दौरान नकी हसन और उसके छोटे भाई गुड्डू ने उसके साथ रेप किया जिससे वह प्रेग्नेंट हो गई और 1994 में उसने एक बेटे को जन्म दिया। बाद में उसने बच्चे को उधमपुर हरदोई में रहने वाले एक परिचित व्यक्ति को दे दिया था। पीड़िता के बहनोई का ट्रांसफर रामपुर जिले में होने पर बहनोई ने पीड़िता का विवाह गाजीपुर के एक व्यक्ति से कर दिया, लेकिन पति को रेप की घटना का पता चलने पर उसने पीड़िता से संबंध खत्म कर लिया। इसके बाद महिला लखनऊ आकर रहने लगी।

मां को दिलवाया इंसाफ-

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 1994 में पीड़िता अपनी बहन और बहनोई के साथ एक मोहल्ले में रहती थी. बहनोई सरकारी नौकरी करता था और बहन प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी. एक दिन उसी मोहल्ले का ड्राइवर जिसका नाम नकी हसन था, पीड़िता के घर में घुस गया और उसका रेप किया. अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक अगले दिन हसन के भाई मोहम्मद रज़ी ने पीड़िता का रेप किया. दुष्कर्म की वजह से बाद में पीड़िता प्रेग्नेंट हो गई. उसने एक बेटे को जन्म दिया. जन्म के बाद बेटे को हरदोई के एक कपल को दे दिया गया. वहीं पीड़िता की शादी गाजीपुर के एक व्यक्ति के साथ करवा दी गई. लेकिन दस साल बाद पीड़िता के पति को रेप का पता चला तो उसने उससे संबंध तोड़ दिए.

पुलिस ने क्या किया ?

रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले को लेकर SSP शाहजहांपुर आनंद ने बताया, “कोर्ट के आदेश पर 4 मार्च, 2021 को FIR दर्ज होने के बाद मुझे घटना की जानकारी मिली. हमारे पास आरोपियों का पूरा नाम नहीं था और न ही उनके पते की जानकारी थी. यह काफी पुराना मामला था, लेकिन शिकायत में सच्चाई लग रही थी. हम पीड़िता को न्याय दिलाने में मदद करना चाहते थे क्योंकि उसने बचपन में बहुत कुछ सहा था. मामले की जांच करने के बाद हम आरोपी भाइयों की पहचान करने में कामयाब रहे और वो शहर के हदाफ इलाके में मिले. लेकिन आरोपियों ने कहा कि वो पीड़िता को बिल्कुल नहीं जानते.”

इसके बाद पुलिस ने DNA टेस्ट कराने का फैसला किया. जुलाई 2021 में DNA सैंपल भेजे गए और अप्रैल 2022 में रिजल्ट आया. उसमें बेटे और आरोपी के सैंपल मैच हो रहे थे. पुलिस जब आरोपी भाइयों को गिरफ्तार करने गई तब तक वो दोनों फरार हो चुके थे. लेकिन काफी समय बाद पुलिस ने एक आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया. और एक आरोपी को ओडिशा से.

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