AAJTAK KI KHABARCHHATTISGARHEXCLUSIVEKORBA LATEST NEWSKORBA POLICEKUSMUNDA NEWSKUSMUNDA POLICEKUSMUNDA UPDATESLATEST NEWSSECL LATEST NEWSSECL NEWSSECL UPDATES

कुसमुंडा खदान में स्क्रैप (कबाड) पर भ्रष्टाचार की CMD से शिकायत, कील तक नहीं छोड़ने वाले ठेकदार ने क्यों छोड़ा सैकड़ो टन कबाड़….? जाने पूरा मामला…..

कोरबा – SECL के संसाधनों की सुरक्षा के लिए एक ओर जंहा जिला पुलिस प्रशासन चिंतित हैं वहीं एसईसीएल भी अपनी खदानो में करोडो रुपये खर्च कर के विभिन्न केंद्रीय बलो से सुरक्षा के लिए अनुबंध किये हुये हैं, बावजूद इसके चोरियां रुकने के बजाय निरंतर बढ़ रही है, जिसमें सबसे अधिक कोयला डीजल और कबाड़ जैसे संसाधन हैं, इन संसाधनों की चोरी खदान से बाहर असामाजिक तत्व अथवा चोर प्रवृत्ति के लोगों के द्वारा की जाती है जिसकी खबर मीडिया आये दिन आती रहती है, परंतु हम आज उन चोरियों की बात करेंगे जो प्रबंधन के कुछ जिम्मेदार अधिकारी करते हैं, जिन्हें प्रति व्यक्ति लाखों रुपए की पगार मिलती है, फिर भी ऐसे लोग एसईसीएल के संसाधनों की चोरी कर बंदरबांट करने में नहीं चूकते।

क्या कहा दर्शन सिंह चाँवला से देंखे वीडियो……

बीते वर्ष ऐसे ही कुछ अधिकारियों द्वारा लाखो टन कोयला की हेर फेर की शिकायत हो या टेंडर प्रक्रिया में लाखों रुपए का कमीशन खोरी की शिकायत हो,ऐसी कई शिकायतें हमने देखी जिनमें कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है, एक भ्र्ष्ट अधिकारी को उसके भ्र्ष्टाचार उजागर होने पर एक पद से हटाकर दूसरे पद पर अथवा अन्य खदानों में भेजा दिया जाता है, उसके बाद भी यंहा चोरियां और भ्रष्टाचार नहीं रुकता, दूसरा भी आने के बाद उसी कार्य में संलिप्त हो जाता है। एसईसीएल की खदानों में अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार की फेहरिस्त बड़ी लंबी है धीरे-धीरे हम पुख्ता प्रमाण के साथ इनका खुलासा करते रहेंगे। फिलहाल बात करेंगे एक ऐसी अनियमितता की जिसकी शिकायत कोयला उद्योग कामगार संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष दर्शन सिंह चाँवला ने SECL सीएमडी से की हैं,उन्होने सीएमडी को पत्र लिख कर बताया की बीते वर्ष 2021 नवंबर माह में SECL कुसमुंडा परियोजना में पुराने डोजर, सावेल इत्यादि भारी भरकम मशीनों को निविदा (टेंडर ) प्रक्रिया के तहत नीलाम कर बेच दिया गया, ठेकेदार द्वारा इन मशीनों को काटकर खदान में जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष वजन कर ले जाया गया, जिसमें एक लगभग 14 टन अतिरिक्त ओव्हर लोडिंग का प्रकरण भी सामने आया था , जिसमें स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत के साथ साथ विभागीय विजिलेंस जाँच भी हुई थी । इस विभागीय कार्यवाही में पुरे प्रकरण को केवल संबंधित के अधिकारियों के बयान को लेकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया । अब इसी स्क्रैप के खेल में एक नई जानकारी दर्शन सिंह चाँवला को सूचना के अधिकार से प्राप्त हुई है । जिसके तहत उनका कहना हैं की कुसमुन्डा के वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारियों ने उपरोक्त कबाड़ के एवज में अधिक और अन्य कीमती सामान भी दिया है। उनका कहना हैं की सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में अधिकारी लिखित में जानकारी दें रहें हैं कि ठेकेदार के द्वारा पूरा कबाड़ उठा लिया गया है, जबकि जिस स्थान पर स्क्रैप काटी गयी उस स्थान पर अभी भी भारी भरकम मशीनों के सैकड़ो टन अलग-अलग पार्ट्स पड़े हुए है। सवाल यही हैं की आज के महंगाई के दौर में कोई अपना खरीदा हुआ रत्ती भर सामान नहीं छोड़ता तो यंहा ठेकेदार द्वारा सैकड़ो टन स्क्रैप कैसे छोड़ दिया गया। इसका सीधा अर्थ यही हैं की ठेकेदार को इन छोड़े गए स्क्रैप के एवज में अन्य कीमती सामान दिये गए हैँ। इसी तथ्य को लेकर उन्होंन SECL सीएमडी प्रेमसागर मिश्रा को सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी और बचे हुये सैकड़ो टन कबाड़ की तस्वीरों के साथ कुसमुंडा प्रबंधन के लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारियो की शिकायत की है, साथ ही प्रकरण की जांच कर उचित कार्यवाही की मांग भी की हैं।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!