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क्या यही लोकतंत्र/गणतंत्र है

RRB- NTPC की परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ बिहार के आरा- पटना जैसे जिलों के बाद आज जब इलाहबाद के छात्र भी विरोध में सड़कों उतरे तो उन्हें भारत के गणतांत्रिक होने की झलक गणतंत्र दिवस के ठीक एक दिन पहले ही पुलिसिया लाठियों से दिखाई गई। आज दिन में छात्रों ने RRB-NTPC की परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ प्रयाग स्टेशन पर रेल रोकने व प्रदर्शन करने का प्रयास किया था। इस दौरान छात्रों को भारी फोर्स लगाकर मारा- पीटा गया। इतने पर भी फासीवादी भाजपा सरकार व उसके तानाशाह प्रशासन को संतोष न हुआ तो शाम को भारी संख्या में पीएसी, कई थानों की पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स बुलाकर छात्रों के लॉजों के अंदर घुस कर दरवाजे तोड़कर उन्हें मां-बहन की गालियां देते हुए बर्बरता पूर्वक पीटा गया, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज किसी को भी झकझोरने के लिए काफी हैं।

क्या यही गणतंत्र है जिसका जश्न हम कल मनाने जा रहे हैं? जहां पर बस ये मांग करने पर की हम बेरोजगारों को रोजगार क्यों नहीं है, परीक्षा में धांधली क्यों हो रही है और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं हो रहा है, लॉजों से निकाल – निकालकर मां- बहन की गलियां देकर पुलिस द्वारा घसीट- घसीट कर मारा जा रहा है। इतना ही नहीं रेलवे द्वारा आज सुबह जारी की गए एक पत्र के अनुसार जो छात्र RRB-NTPC परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में अपने हक के लिए आवाज उठा रहे हैं उन्हें फोटो व वीडियो द्वारा चिन्हित करके हमेशा के लिए रेलवे की नौकरियों से अयोग्य घोषित कर दिया जायेगा।

इंकलाबी छात्र मोर्चा छात्रों के इस बर्बर दमन की सख्त निंदा करता है और सभी छात्र – छात्राओं व प्रगतिशील नागरिकों से यह अपील करता है कि एकजूट होकर भाजपा सरकार की इस पुलिसिया दमन का तीखा विरोध करें, RRB-NTPC की परीक्षा को रद्द कराने के लिए आंदोलन को तेज करें और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार खत्म करने, रिक्त पदों को भरने, रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने व निजीकरण- उदारीकरण व साम्राज्यवादी वैश्वीकरण की नीतियों को खत्म कराने के लिए संघर्ष तेज करें।

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