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गाड़ी की टक्कर से पत्नी की मौत.. 23 दिन बाद खुला राज.. हत्या के मामले में सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार.

 5 महीने की गर्भवती पत्नी की हत्या करवाने के आरोपी रेलवे पुलिस में सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया गया है. पत्नी को अपने रास्ते से हटाने के लिए उसका एक्सीडेंट करवा कर उसे हादसे का रूप देने का प्रयास किया गया था. यमुनानगर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने बताया क‍ि इस मामले को सुलझाने का जिम्मा अपराध शाखा यमुनानगर-1 को सौंपा गया था जिसमें कार्रवाई के दौरान फरकपुर थाना एरिया में हुई हत्या के इस मामले का खुलासा हुआ है. पुलिस टीम ने हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है जो रेलवे पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था. हरियाणा के यमुनानगर में

अफसर अली नामक रेलवे पुलिस में सब इंस्पेक्टर पर आरोप है कि उसने अपनी पांच माह की गर्भवती पत्नी नजमा की अपने चचेरे भाई के साथ मिल के योजनाबद्ध तरीके से हत्या करवा दी थी और इसे एक सड़क हादसे का रूप देकर कानून की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास किया था. इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब जब अपराध शाखा – 1 की टीम ने कड़ी से कड़ी मिलाकर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया. जिस गाड़ी से नजमा का एक्सीडेंट दिखाया गया वह अफसर अली के यूपी स्थित गांव की ही निकली. अफसर अली ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल भी कर लिया जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है. पुलिस की मानें तो इसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा और इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

दरअसल, रेलवे पुलिस में सब इंस्पेक्टर अफसर अली की बरेली निवासी नजमा से फेसबुक पर मुलाकात हुई थी, प्रेम परवान चढ़ा तो दोनों में संबंध भी बन गए, लेकिन अफसर अली शादी नहीं करना चाहता था. बात पुलिस तक न पहुंचे इस लिए अफसर अली को 2019 में मजबूरन नजमा से शादी करनी पड़ी. इसी दौरान तीन तलाक कानून आ गया जिसके बाद अफसर अली नजमा को छोड़ नहीं पाया. फिर उसने एक दिन अपने चचेरे भाई और उसके अन्य दो साथियों के साथ मिलकर अपनी 5 माह की गर्भवती पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. योजना के मुताबिक पहले अफसर अली अपनी पत्नी को बाहर टहलने का बहाना बनाकर ले गया और उसके बाद र्स्कोप‍ियो गाड़ी में पहले से ही घात लगाकर बैठे अफसर अली का चचेरा भाई और उसके अन्य साथियों ने मौका देख कर नजमा पर स्कोर्पियों चढ़ा दी जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गई. उसे शहर के निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई थी.

मृतका के परिजनों को अब कहीं जाकर राहत मिली है. नजमा के भाई मोहम्मद इदरीश ने बताया कि शादी के बाद से ही अफसर उनकी बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहा था. मकान बेचकर अफसर को 12 लाख रुपये भी दिए. अफसर दूसरी शादी करना चाहता था, वहां से उसे 50 लाख रुपये मिलने थे. विभाग ने अफसर को अच्छे काम के लिए इंस्पेक्टर प्रमोट कर दिया था लेकिन नजमा की शिकायत के बाद डिमोशन करते हुए सब इंस्पेक्टर बना दिया गया. इसी कारण उसने नजमा की जान ले ली.

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