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तुमान हत्याकांड: ऑनर किलिंग नही बल्कि प्यार में बेवफाई की कोशिश से जुड़ा है मामला.. प्रेमिका किसी और से करती थी मोबाइल पर चैटिंग तो नाराज प्रेमी ने उतार दिया मौत के घाट.. कत्ल का शातिराना तरीका जानकर कोई भी चौंक जाए..

Satya Sahu

छग/कोरबा/कटघोरा: थानाक्षेत्र के तुमान में शनिवार को सामने आए युवती के अंधे कत्ल के मामले ने जबरदस्त मोड़ लिया है. इस पूरे हत्याकांड को कातिल ऑनर किलिंग यानी झूठी शान के लिए हत्या का रुख देना चाहता था. इसके लिए उसने शातिराना तरीके से कई जतन किये लेकिन वह नाकाम रहा. पुलिस की सख्ती के आगे उसका फरेब और झूठ ज्यादा वक्त तक टिक नही पाया और उसने सबकुछ बयां कर दिया. गहन जांच, खोजबीन और पूछताछ में जो तथ्य सामने आए है उसके मुताबिक युवती कृष्णा वैष्णव (21) की हत्या किसी और ने नही बल्कि खुद उसके प्रेमी ने की थी. आरोपी मृतिका पर भागकर शादी के लिए दबाव बना रहा था जबकि युवती ऐसा करने से इनकार कर चुकी थी. वह परिवारवालों के विरुद्ध जाकर शादी नही करना चाहती थी. इसके अलावा वह अपने प्रेमी से इस रिश्ते को खत्म करने की भी गुहार लगा रही थी जिससे वह काफी खफा रहता था. इसके अतिरिक्त प्रेमी अपनी प्रेमिका के दूसरे लड़को के साथ रिश्ते को लेकर भी अक्सर नाराज रहता था. इन सभी बातों से परेशान उसने हत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने का मन बना लिया था. प्रेमिका के हत्या के बाद हत्यारे आशिक ने खुद को बचाने के लिए एक बेहद चौंकाने वाला तरकीब भी अपनाया था पर उसकी साजिश परत दर परत बेनकाब होती गई. खुद पुलिस भी उसके इस साजिश में उलझकर रह गई थी. यही वजह है कि मृतिका के बेकसूर पिता और भाई पर भी गहरा शक जताया जा रहा था. तकरीबन सात साल के प्यार में बेवफाई की हल्की सी आहट ने प्रेमिका की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दिया और कातिल आशिक खुद सलाखों के पीछे जा पहुंचा.

ऑनलाइन लूडो गेम की चैटिंग नही आई आशिक को रास.

पुलिस के मुताबिक मृतका कृष्णा वैष्णव का प्रेम सम्बन्ध निकटस्थ गांव आमाभांठा के युवक संजय चौहान से करीब आठ-दस सालों से चल रहा था. प्रेम इस कदर परवान चढ़ चुका था कि संजय कृष्णा के बगैर रह नही पा रहा था. वह उससे आर्य मंदिर में शादी भी करना चाहता था. प्रेमी युवक अक्सर प्रेमिका से मिलने उसके घर भी जाया करता था. जबकि इसकी भनक मृतिका के परिजनों को भी थी. करीब 20 दिन पहले मृतिका कृष्णा कुमारी की पहचान मोबाईल पर ऑनलाइन लूडो गेम के जरिये कटघोरा के रहने वाले नेवेन्द्र देवांगन नाम के युवक से हुई. यह सरसरी पहचान दोस्ती में बदल गई और प्रेमिका उस नए युवक से मोबाइल पर अक्सर चैट करने लगी. लेकिन जब इस बात की भनक प्रेमी संजय को लगी तो वह कृष्णा पर खासा नाराज हुआ. आशिक की नाराजगी इतनी थी कि वह उसे गुस्से में मार डालने की भी बाते कहता था. दूसरी तरफ कृष्णा कुमारी अपने आशिक के इस इरादे को हल्के में लेती रही और उसे खुद को भूल जाने की जिद करने लगी पर दिलजला आशिक संजय सबकुछ ठान चुका था. इस बीच कृष्णा की शादी परिजनों ने सूरजपुर में तय कर दी. हालांकि कृष्णा इसके लिए भी राजी नही थी. उसका अपने परिजनों से भी अक्सर विवाद होता था. इस तरह प्रेमी संजय प्रेमिका के परिजनों से भी नाराज चल रहा था. उसे उसके मोहब्बत के सारे अरमान हर तरफ से बिखरते नजर आ रहे थे.

वारदात की रात नाराज प्रेमी संजय कृष्णा से मिलने चोरी-छिपे उसके घर तुमान आया था. इसके बाद दोनों बातचीत करने लगे. संजय उसे शादी के लिए मनाता रहा जबकि कृष्णा उसे ब्रेकअप कर लेने की बात कहती रही. इस मिलन के बाद संजय वापिस अपने घर लौट गया. कुछ देर बाद करीब 1:30 बजे संजय फिर से कृष्णा के घर जा पहुंचा और फिर दोनों घर के पिछले हिस्से यानी बाड़ी की तरफ चले गए. बातचीत के दौरान भी वह कृष्णा को मार डालने की धमकी देता रहा वही कृष्णा प्रेमी से ऐसा नही करने की मिन्नते करती रही. इसी बीच शातिर विजय ने कृष्णा के मोबाइल से नेवेन्द्र के नम्बर पर यह मैसेज भेजा कि उसके पिता उसे मारना चाहते है, वह उसे बचा ले. संजय ने ऐसा इसलिए किया ताकि हत्या के बाद इसका शक उसके पिता पर हो. इसी दौरान संजय ने पास रखे साड़ी की मदद से निर्ममता से उसका गला दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही सांसे उखड़ गई. इस वारदात को अंजाम देने के बाद लाश और मोबाइल को घटनास्थल पर छोड़कर विजय वापिस लौट आया.

दूसरे दिन जब परिजनों ने बाड़ी में कृष्णा की लाश देखी तो इसकी सूचना पुलिस को दी. इस दौरान पिता दिगपाल भी बेटी के शव के साथ था. सम्भवतः यही वजह रही कि डॉग स्क्वायड का बाघा सीधे उसके पास जा पहुंचा और पुलिस का शक उसपर भी गहरा गया और प्रेमी के साथ उसे और उसके बेटे को भी हिरासत में ले लिया गया. वही अबतक की पूछताछ से यह लगभग साफ हो चुका है कि इस अंधे कत्ल में प्रेमी के अलावा किसी और कि कोई भूमिका नही है. कत्ल की पुष्टि होते ही आरोपी प्रेमी के विरुद्ध पुलिस ने धारा 302 के तहत अपराध कायम कर उसे जेल दाखिल कर दिया है.

आरोपी के मोबाइल के वाइस रिकॉर्डिंग ने सुलझा दिया पूरा मामला.

पूरे मामले के पटाक्षेप में सबसे बड़ी भूमिका सायबर सेल की रही. सभी के मोबाइल के कॉल डिटेल, करंट लोकेशन और मैसेजिंग के बाद पूरा मामला आईने की तरह साफ हो गया. पुलिस के अनुसार आरोपी अपने आरोप को लगातार नकारता रहा. लेकिन घटना की रात संजय का मोबाइल बन्द था जिससे पुलिस का सन्देह मजबूत हो गया. सायबर सेल ने जब संजय का मोबाइल खंगाला तो उसमें कृष्णा को किये गए कुछ कॉल के वाइस रिकॉर्डिंग मिले जिसमे वह प्रेमिका को मार डालने की धमकियां दे रहा था था. इस रिकॉर्डिंग ने मानो पूरे प्रकरण का पटाक्षेप कर दिया.

इस पूरे मामले को सफलतापूर्वक सुलझाने में जिला एसपी अभिषेक मीणा के निर्देशन, एएसपी कीतर्न राठौर के मार्गदर्शन व कटघोरा एसडीओपी रामगोपाल करियारे व थाना प्रभारी अविनाश सिंह की अगुवाई में उपनिरीक्षक अशोक शर्मा, प्र. आरक्षक धनजंय नेटी समेत सायबर सेल, डॉग स्क्वायड तथा फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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