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ठेका कर्मियों की कोरोना से मौत होने पर परिवार को मिलेगा 15 लाख रुपये, एटक यूनियन की पहल से हुआ संभव

कोरबा। कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने पर एसईसीएल के ठेका मजदूरों के आश्रितों को अब 15 लाख सहायता राशि मिलेगी। श्रमिक संघ एटक की पहल पर एसईसीएल प्रबंधन ने एक ठेका मजदूर के परिजन को राशि का भुगतान करने पर सहमति जता दी।
कोल प्रबंधन कोरोना संक्रमण से निधन होने पर कोयला कर्मियों के आश्रितों को क्षतिपूर्ति राशि के तौर पर 15 लाख रुपये देने का आदेश पहले ही जारी कर चुका है और कोरोना से दिवंगत कई कर्मियों के आश्रितों को यह राशि का भुगतान भी किया जा चुका है। ठेका मजदूर की मौत के मामले में प्रबंधन ने चुप्पी साध रखी थी। इस पर एसईसीएल संचालन समिति के सदस्य व एटक एसईसीएल के महामंत्री हरिद्वार सिंह ने पहल करते हुए साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के निदेशक कार्मिक पत्र लिखकर कहा कि दिवंगत ठेका कर्मी स्वर्गीय श्याम चौकसे के आश्रित परिवार को नियमानुसार 15 लाख रुपये का भुगतान प्रबंधन द्वारा किया जाए। ताकि मृत ठेका मजदूर का परिवार इस विपरीत परिस्थिति में अपना जीवन यापन आसानी से कर सके। उन्होंने बताया कि ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत श्याम चौकसे की मृत्यु कोरोना से सात मई को केयर एंड क्योर हॉस्पिटल बिलासपुर में हो गई थी। कोविड-19 के संक्रमण के कारण किसी भी कर्मचारी एवं ठेका मजदूर की मृत्यु हो जाने पर उनके परिजन को 15 लाख रुपये भुगतान करने का फैसला कोयला मंत्री के घोषणा के उपरांत कोल इंडिया प्रबंधन ने किया है। जिसका कार्यालय आदेश भी कोल इंडिया से जारी हो चुका है। सिंह ने कहा कि एसईसीएल कोल इंडिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादन करने वाली कंपनी है और निश्चित रूप से नियमित कामगारों के साथ ठेका श्रमिकों का भी इसमें बहुत बड़ा योगदान है। एटक की मंशा है कि नियमित कामगारों के साथ साथ जिन ठेका श्रमिको ने एसईसीएल में अपना श्रम दिया है उनके न रहने पर एसईसीएल उनके परिजनों के बारे में गंभीरता से विचार करे और उसके परिवार को भरपूर सहयोग करे। एसईसीएल के निदेशक कार्मिक ने चर्चा उपरांत संबंधित ठेका श्रमिक के परिवार को निर्धारित राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरे एसईसीएल में कोविड-19 के कारण ठेका श्रमिक की मृत्यु उपरांत क्षतिपूर्ति भुगतान किए जाने का पहला मामला एटक की पहल से संभव हुआ है।

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