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डॉन के इश्क में गिरफ्त होने की इस हसीना ने चुकाई थी बड़ी कीमत, करियर तो बर्बाद हुआ ही जेल भी पहुंच गई

बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड का कनेक्शन पुराना रहा है। कई बार बॉलावुड एक्ट्रेसेस का नाम भी डॉन के साथ जुड़ा। लेकिन आज हम आपको बॉलीवुड की एक ऐसी हसीना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के इश्क में गिरफ्त होने की भारी कीमत चुकानी पड़ी। फिल्मों में कामयाबी पा रही ये एक्ट्रेस कुछ इस तरह गुमनाम हुई कि लोगों को भनक तक नहीं लगी। ये एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि मोनिका बेदी थी। मोनिका बॉलीवुड में अपनी फिल्मों की वजह से कम और अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के साथ रिश्तों को लेकर ज्यादा चर्चा में रही हैं।

मोनिका का जन्म 18 जनवरी 1975 को पंजाब के होशियारपुर में हुआ था। मोनिका ने अपनी पढ़ाई ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पूरी की है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1995 में तेलुगु फिल्म ‘ताज महल’ से की थी। उनकी पहली बड़ी फिल्म ‘सुरक्षा’ थी, जिसमें उनके साथ सैफ अली खान थे।

बॉलीवुड में उनकी चर्चित फिल्मों में ‘आशिक मस्ताने’, ‘तिरछी टोपीवाले’, ‘जंजीर’, ‘जानम समझा करो’ और ‘जोड़ी नंबर 1’ हैं। हालांकि कहा जाता है मोनिका को पहला बड़ा ब्रेक अबू सलेम के कारण ही मिला था। ये फिल्म थी ‘जानम समझा करो’। ये वो वक्त था जब मोनिका के रिश्ते अबू सलेम के साथ थे।

बॉलीवुड में अबू सलेम की काफी चलती थी। प्रोड्यूसर्स में उसका इतना खौफ था कि एक फोन भर से फिल्म की कास्टिंग बदल जाती थी। अपनी प्रेमिका के लिए सलेम ने ऐसी ही कई फिल्मों की कास्टिंग बदलवा दी। हालांकि अबू सलेम की हजार कोशिशों के बाद भी मोनिका को ए लिस्टर एक्ट्रेस का दर्जा नहीं मिला।

अब आपको बताते हैं वो कहानी जो खुद मोनिका ने जेल से बाहर आने के बाद सुनाई थी। पहले ये जान लेते हैं कि आखिर उन्हें जेल हुई क्यों? फर्जी पासपोर्ट मामले में मोनिका बेदी को गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त वह अबू सलेम के साथ थीं। हालांकि साल 2007 में मोनिका को बरी कर दिया गया। जेल से निकलने के बाद मोनिका ने अबू से अपने रिश्ते तोड़ लिए और एक इंटरव्यू में उससे मुलाकात को हादसा बताया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहली मुलाकात में ही मोनिका बेदी अबू सलेम पर फिदा हो गई थी। एक स्टेज शो के दौरान दोनों में बातचीत हुई थी। इसके बाद दोनों की नजदीकियां बढ़ती गईं। बाद में मोनिका और सलेम साथ रहने लगे थे।मोनिका की मानें तो फोन पर हमारी बातें होती थीं लेकिन मुझे लगता था कि कहीं न कहीं हम-दोनों के बीच कोई कनेक्शन जरूर है।

मोनिका बताया था, मैंने कभी नहीं सोचा था कि किसी शख्स से फोन पर बातें करते-करते मैं उसे इस कदर पसंद करने लगूंगी कि बिना बात के रहा नहीं जाएगा। पूरे दिन मैं उसके फोन का बेसब्री से इंतजार करने लगी थी। और जब फोन नहीं आता तो मैं व्याकुल हो उठती थी। फोन पर बात करने के दौरान अबू मुझे बहुत ही संजीदा और सुलझे हुए इंसान लगे। उनसे बातें करके लगता था कि जैसे वो बहुत ही क्लोज फ्रेंड हैं। मैं उनसे फोन पर अपनी सारी बातें शेयर करने लगी थी। दुबई में शो के बाद हम दोनों इतने करीब आ गए कि अबु हर आधा घंटे में मेरा फोन लगा देते थे। वो मेरी काफी परवाह करने लगे थे।

मोनिका ने कहा था, अबू को दुनिया कैसे भी जानती हो, लेकिन मैं जब तक उसके साथ रही, वो मेरे लिए एक आम इंसान की तरह था। वह मेरे साथ अच्छे से पेश आता था। उसने मुझे कभी भी उसके पीछे के स्याह सच से वाकिफ नहीं होने दिया। मैंने हमेशा उसे जरूरतमंदों की मदद करते हुए देखा। मुझे उसके बीते हुए कल के बारे में कुछ भी पता नहीं था। मुझे नहीं पता था कि उसने क्या गलत किया। हम दोनों के बीच एक बहुत ही निजी संबंध था। वो किस किससे जुड़ा था मुझे उससे कुछ भी लेना-देना नहीं था। मैं उसके अलावा किसी से नहीं मिली।

2002 में गिरफ्तारी के बाद मोनिका ने अपने जीवन के कड़वे अनुभवों के आधार पर एक पत्र में एक शायरी लिखी थी। जो इस प्रकार थी… छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए, ये मुनासिब नहीं आदमी के लिए, प्यार से भी जरूरी कई काम हैं, प्यार सब कुछ नहीं जिंदगी के लिए।

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