Chhattisgarh

एसईसीएल गेवरा में लापरवाही की सारी हदें पार , सैनिटाइज़र के नाम पर वाशिंग पाउडर के उपयोग का आरोप

Report : Shet masih , Gevra-Dipka

दीपका. कोविड-19 के सेकेंड वेव से समूचा कोरबा जिला थर्राया हुआ है परंतु इसके बावजूद भी एसईसीएल गेवरा परियोजना के अधिकारी लापरवाही से बाज नही आ रहे हैं । अधिकारियों-ठेकेदारों ने इस महामारी को भी एक कमाई का माध्यम बनाया हुआ है एवं मानवता को शर्मसार करने का कार्य अनवरत जारी है । लापरवाही का ताजा मामला एसईसीएल गेवरा के डम्पर सेक्शन में प्रकाश में आया है जहां सैनिटाइजर के नाम पर डंपर-चालकों एवं कर्मचारियों के कार्य-स्थल , केबिन एवं इस्तेमाल की जाने वाले अन्य उपकरणों के सेनीटाइज़िंग का कार्य वाशिंग पाउडर के घोल से किया जा रहा है । गौरतलब है कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सैनिटाइजर व मास्क को अहम हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है । कोल् इंडिया व उसकी सब-बॉडी एसईसीएल के कर्मचारी शुरू से ही इस महामारी का शिकार रहे हैं एवं एसईसीएल के कई कर्मचारियों को इस बीमारी के कारण जान गंवानी पड़ी है । ऐसे में आवश्यकता तो थी कि कोविड से सुरक्षा के सारे इंतजाम पूरी जिम्मेदारी के साथ किये जायें परंतु अधिकारियों द्वारा ऐसे जीवन-प्रदायी सुरक्षात्मक कार्यों में लापरवाही सामने आना उनके अमानवीय पक्ष को दर्शाता है ।

पानी छिड़कने बोलेंगे तो सिर्फ पानी छिड़क देंगे

डंपर चालकों द्वारा मानक- गुणवत्ता वाले सैनिटाइज़र का प्रयोग किये जाने के निवेदन पर सेनीटाइज़िंग कर्मियों द्वारा जवाब दिया जा रहा है कि गेवरा प्रोजेक्ट वर्क-शॉप से जिस प्रकार के निर्देश हमें दिए जा रहे हैं हम वैसा ही कर रहे हैं , और अगर हमें सिर्फ पानी छिड़कने को कहेंगे तो भी हम वैसा ही करेंगे ।

विभाग द्वारा खरीदे गए सैनिटाइज़र का ही इस्तेमाल : – प्रबंधन प्रबंंंंंंंंंंंंंंं

एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारियों का कहना है कि इन सैनिटाइज़र के अलग से कोई निविदा नही निकाली गई है । विभाग के अस्पताल एनसीएच द्वारा प्रदत्त सामग्रियों का ही इस्तेमाल किया जा रहा है । इसके बावजूद भी अगर कर्मचारियों को सैनिटाइज़र से किसी प्रकार की समस्या है तो प्रबंधन द्वारा विचार किया जाएगा ।

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