Chhattisgarh

कोरबा में शुरू होगा ‘‘सिगड़ी दान अभियान‘‘.. जिले को बनाया जाएगा स्मोकलेस.. पहले चरण में घर-घर होगा सर्वे.

कोरबा : कलेक्टर किरण कौशल के नेतृत्व में जिला प्रशासन एक बार फिर कोरबा शहर को कोयला जलाने से निकलने वाले धुंए से मुक्ति दिलाने के लिए विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के लिए कलेक्टर किरण कौशल ने आज नगर निगम, राजस्व, खनिज, खाद्य विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित स्वयं सेवी संस्थाओं और एलपीजी गैस प्रदाता एजेंसियो के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक में रणनीति तय की। कोरबा शहर को धुंआ रहित बनाने के लिए शुरू होने वाले इस अभियान को सिगड़ी दान अभियान कहा जाएगा। अभियान के पहले चरण में कोरबा शहर में कोयला जलाने से होने वाले धुंए से प्रभावित इलाकों की पहचान की जाएगी। इन इलाकों में से सर्वाधिक धुंआ प्रभावित इलाके से अभियान शुरू होगा। आज की इस बैठक में अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया, कोरबा एसडीएम सुनील नायक भी मौजूद रहे। बैठक में अभियान के पहले चरण में कोरबा शहर के धुंआ प्रभावित इलाकों की पहचान की गई।

तहसीलदार सुरेश साहू ने बताया कि प्रशासन द्वारा कोरबा शहर में प्रारंभिक तौर पर कोयले की सिगड़ियां जलने से निकलने वाले धुंए से प्रभावित इलाकों की पहचान की गई है। सीतामणि क्षेत्र में रेलवे क्राॅसिंग से सीतामणि तक, संजय नगर, मुड़ापार, राताखार क्षेत्र में तुलसीनगर, रामसागरपारा, पंपहाउस का क्षेत्र, पुरानी बस्ती का इलाका, सीएसईबी काॅलोनी के आगे कोहड़िया-ढोंढीपारा, बालको क्षेत्र में परसाभाठा, भदारापारा, नेहरूनगर, रूमगढ़ा, दर्री क्षेत्र, रामपुर, डिंगापुर, दादर, खरमोरा और रिसदी इलाके में कोयले की सिगड़ियां जलने से सुबह-शाम तेज धुंआ होता है। कलेक्टर श्रीमती कौशल ने इन क्षेत्रों में से सबसे अधिक धुंआ प्रभावित इलाके से ही सिगड़ी दान अभियान शुरू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश बैठक में दिए। अभियान की शुरूआत में सबसे पहले सर्वाधिक धुंआ प्रभावित इलाके में रहने वाले परिवारों, सिगड़ी जलाने वाले परिवारों, एलपीजी गैस धारकों, उज्जवला योजना के तहत एलपीजी गैस कनेक्शन प्राप्त परिवारों का सर्वे कर सूचीबद्ध किया जाएगा।

अभियान की सफलता के लिए इन इलाकों में जनजागरूकता संबंधी विशेष कैम्पेन चलाये जाएंगे ताकि लोगों को कोयला जलाने से उठने वाले धुंए से नुकसान के बारे में जागरूक किया जा सके। इस अभियान में खनिज एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों की भी सहभागिता होगी। बेतरतीब तरीके से कोयला लदे वाहनों के सड़कों पर खड़े होने या कोयला चोरी की घटनाओं वाले क्षेत्रों, कोयला जलाने वाली होटलों और ढाबों का भी चिन्हांकन अभियान के तहत किया जाएगा। शहरी स्लम क्षेत्रों के लोगों द्वारा कोयला बिनने वाली जगहों की भी पहचान की जाएगी। अभियान के पहले चरण में ही शहर में सिगड़ी बेचने वालों और सिगड़ी बनाने वालों की भी पहचान की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती कौशल ने अगले एक सप्ताह में अभियान के प्रथम चरण के निर्धारित लक्ष्यों पर सफलतापूर्वक सर्वे करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश कोरबा एसडीएम श्री सुनील नायक को दिए हैं। अभियान के दूसरे चरण में सर्वे से प्राप्त निष्कर्षांे एवं जानकारियों के आधार पर कोयला जलाने से उठने वाले धुंए को रोकने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उस पर अमल किया जाएगा।

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