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चाणक्य नीति : आपका सत्यानाश कर सकती हैं ये पांच आदतें, तुरंत छोड़ दें

आचार्य चाणक्य एक कुशल और योग्य रणनीतिकार थे। उन्हें कौटिल्य और विष्णु गुप्त के नाम से जाना जाता था। व्यक्ति विशेष और समाज के कल्याण के लिए उन्होंने नीति ग्रंथ चाणक्य नीति शास्त्र की रचना की थी। चाणक्य नीति के अनुसार, इंसान की कुछ बुरी आदतें उसका सत्यानाश कर सकती हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार, इन आदतों को तुरंत ही त्याग करना जरूरी होता है।

जो लोग करते हैं छल कपट
चाणक्य के अनुसार जो लोग छल-कपट या बुरे कार्यों से पैसा कमाते हैं उनके पास ज्यादा देर तक पैसा नहीं टिकता है। ऐसे लोग परेशानियों से घिर जाते हैं जिसके कारण जल्द ही उनका पैसा बर्बाद हो जाता है।

जो लोग सुबह सोते हैं देर तक
जो लोग सुबह से संध्या तक सोए रहते हैं, उनके ऊपर कभी भी मां लक्ष्मी की कृपा नहीं होती है। सूर्योदय के बाद तक सोए रहने वाले व्यक्ति हमेशा दरिद्रता का सामना करता है।

जो लोग करते हैं जरूरत से ज्यादा भोजन
जो लोग आवश्यकता से अधिक भोजन करते हैं वे दरिद्र हो जाते हैं क्योंकि आवश्यकता से अधिक भोजन का उपभोग करना व्यक्ति को गरीबी की ओर ले जाता है, साथ ही ऐसे व्यक्ति कभी स्वस्थ भी नहीं रहते हैं।

जो नहीं रखते हैं अपनी वाणी में संयम
जो लोग अपनी वाणी में संयम नहीं रखते हैं या कठोर वाणी बोलते हैं, उनके पास लक्ष्मी जी कभी नहीं रुकती हैं। क्योंकि किसी दूसरे व्यक्ति के मन को ठेस पहुंचाने वाले लोगों से लक्ष्मी जी रुठ जाती हैं। ऐसे लोग गरीब हो जाते हैं।

जो नहीं करते हैं रोजाना दातून
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने दांतो की साफ-सफाई नहीं करता है उसके पास कभी लक्ष्मी नहीं रुकती हैं। ऐसे लोगों से लक्ष्मी जी रुष्ट हो जाती हैं जिसके कारण व्यक्ति दरिद्र हो जाता है।

जो लोग रहते हैं गंदे
आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो लोग अपने आस-पास स्वच्छता नहीं रखते हैं, और गंदे वस्त्र पहनते हैं ऐसे लोगों के पास कभी लक्ष्मी नहीं ठहरती हैं। ऐसे लोगों को समाज में मान-सम्मान भी नहीं मिलता है।

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