ChhattisgarhJANJGIR-CHAMPA NEWS

अब तक जिले में 1,77,965 किसानों से 7,68,567.12 मेट्रिक टन धान का हुआ उपार्जन.. पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध.

जांजगीर-चाम्पा : कलेक्टर यशवंत कुमार केे मार्ग निर्देशन में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में पंजीकृत 1,88,425 कृषकों में से अब तक लगभग 1,77,965 किसानों से लगभग 7,68,567.12 मे.टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। गत वर्ष इसी अवधि में 1,25,892 किसानों से 5,80,135.89 मे.टन धान का उपार्जन किया गया था। इस प्रकार गतवर्ष की तुलना में अब तक लगभग 42 प्रतिशत अधिक कृषकों से धान का उपार्जन किया जा चुका है।

जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में अब तक लगभग 95 प्रतिशत पंजीकृत कृषक अपने धान का विक्रय कर चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी हेतु निर्धारित अंतिम तिथि तक जिले के शेष किसानों से धान उपार्जन की प्रक्रिया जारी रहेगी। जिले में धान बेचने वाले कृषकों को विक्रय किये गये धान के एवज में अब तक 14.36 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु जिले में कुल 1,88,425 किसानों का पंजीयन किया गया, जो गतवर्ष पंजीकृत कृषक संख्या 1,73,239 की तुलना में लगभग 15,186 अधिक है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु जिले में कुल 2,20,302.96 हेक्टेयर धान के रकबे का पंजीयन किया गया है, जो गतवर्ष पंजीकृत रकबे 2,19,606.90 हेक्टेयर रकबे की तुलना में लगभग 696.06 हेक्टेयर अधिक है। इस वर्ष गिरदावरी के माध्यम से जिले में लगभग 20,226 नवीन किसानों के 14,059.06 हेक्टेयर नवीन रकबे का भी पंजीयन किया गया है।

धान उपार्जन के लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध – जिला खाद्य अधिकारी

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में 8 लाख मे.टन धान का उपार्जन अनुमानित है। उक्त अनुमान के विरूद्ध जिले में अब तक लगभग 0.30 लाख मे.टन धान का उपार्जन किया जाना शेष है। उक्त शेष धान के उपार्जन हेतु लगभग 1,550 गठान बारदानों की आवश्यकता होगी, जिसके विरूद्ध पर्याप्त (2900 गठान) बारदाने की व्यवस्था् जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित कर ली गई है। पीडीएस दुकानों से अतिरिक्त बारदानों की आपूर्ति करने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत माह फरवरी 2021 के खाद्यान्न् आबंटन का वितरण माह जनवरी में किया जा रहा है। इस प्रकार जिले में शेष खरीदी हेतु आवश्यक बारदानों की शतप्रतिशत उपलब्धता जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जा चुकी है।

उपरोक्ता व्यवस्था के बावजूद यदि किसी समिति में बारदानों की आवश्यकता उत्पन्न होती है, तो इस हेतु किसान के बारदानों में धान खरीदी की अनुमति भी राज्य शासन द्वारा प्रदाय की गई है। इस प्रकार जिले में धान खरीदी हेतु बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था है। धान खरीदी हेतु जितने बारदाने की आवश्याकता है उससे अधिक बारदाने जिले में उपलब्ध हैं। धान बेचने हेतु शेष बचे कृषकों से आग्रह है कि वे समितियों में आकर अपने धान का विक्रय करें।

Show More

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!