VASTU TIPS

इन वास्तु नियमों को मानना जरूरी, नहीं तो पानी की तरह बह जाता है पैसा

वास्तु शास्त्र में घर के निर्माण और रख-रखाव को लेकर कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण बाते बताई गई हैं। जिन पर अगर ध्यान न दिया जाए तो व्यक्ति को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वास्तु के नियमों की अनदेखी करने पर घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। जिससे घर में कलह समेत आर्थिक समस्या का सामना भी करना पड़ता है। इसलिए घर में निर्माण करते समय और अन्य कामों को करते समय कुछ बातों को ध्यान  में रखना आवश्यक होता है। जानते हैं वास्तु की किन बातों को ध्यान में रखना है आवश्यक..

घर को हमेशा साफ-स्वच्छ और व्यवस्थित रखना चाहिए। घर के ईशान कोण में मंदिर का निर्माण करना सही रहता है। वास्तु के अनुसार घर में ईशान कोण उत्तर दिशा और वायव्य दिशा को हमेशा साफ और खाली रखना चाहिए। इस दिशा के दूषित होने पर या इस दिशा में किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा आपके घर में धन की आवक को बाधित करती है।

आपके घर में जिस स्थान धन रखने के लिए तिजोरी या अलमारी बनी हुई है, ध्यान रखें कि उस स्थान पर मकड़ी के जाले न लगे हों। वास्तु में उत्तर दिशा को कुबेर कि दिशा माना गया है इसलिए धन रखने की अलमारी या तिजोरी दिवार से इस तरह से लगाकर रखे की उसका दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुले। अगर धन रखने की अलमारी का दरवाजा दक्षिण की ओर खुलता है तो धन की बर्बादी होती है।

वास्तु के अनुसार घर में पानी का उचित प्रबंध होना बहुत आवश्यक होता है। अगर आपके घर में नल से पानी टपकता है या अनावश्यक रुप से पानी की बर्बादी होती है, उस घर में पैसा नहीं टिकता है। इसलिए घर में अनावश्यक रुप से पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए। अगर नल टूटा हुआ है तो उसे तुरंत सही करवाना चाहिए।

वास्तु के अनुसार खाने की थाली को हमेशा मेज या किसी पटरी पर सम्मान के साथ रखना चाहिए। भोजन करने के पश्चात थाली में हाथ नहीं धोने चाहिए। रात के समय भूलकर भी झूठे बर्तन नहीं छोड़ने चाहिए।

घर में रसोईघर हमेशा आग्नेय कोण में ही बनवाना चाहिए। रसोईघर में आग और पानी का स्थान पास में नहीं बनाना चाहिए। रसोई और बाथरुम का दरवाजा आमने-सामने नहीं होना चाहिए। रसोई, टॉयलेट और बाथरुम का निर्माँण कभी भी एक सीध में नहीं करवाना चाहिए।

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