Chhattisgarh

‘कितनी भी व्यस्तता क्यों ना हो, वर्ष में दो बार देवी दर्शन के लिए अवश्य पहुंचते हैं’ – राजेश्री महन्त जी.

जांजगीर-चांपा : छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री डॉक्टर महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज पीठाधीश्वर श्री शिवरीनारायण मठ प्रत्येक वर्ष की तरह जांजगीर जिले के विभिन्न स्थानों में विराजित माता देवी रानी के दरबार में दर्शन के लिए उपस्थित हुए। प्राप्त जानकारी के अनुसार राजेश्री महन्त जी महाराज ने अपने व्यस्ततम् समय में पहले की ही तरह समय निकाल कर के जांजगीर जिले के ग्राम खोखरा में विराजित मनकादाई मातेश्वरी, ग्राम महंत एवं सलखन में विराजित चंडी दाई के दरबार में उपस्थित होकर शारदीय नवरात्र के सप्तमी तिथि को माता रानी का दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया साथ ही माता जगदंबिका भवानी जी से लोक कल्याण की कामना की। अपने संदेश में महन्त जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्मावलंबियों के लिए शारदीय नवरात्र और वासंती नवरात्र यह दोनों प्रत्यक्ष नवरात्रि का पर्व संपूर्ण मंगल प्रदान करने वाला है, इसीलिए लोग इस पर्व को बहुत ही श्रद्धा भक्ति पूर्वक मनाते हैं। माता भगवती स्वयं श्रद्धा स्वरूपा है! श्री रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने लिखा है- भवानीशक्ड.रौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ अर्थात श्रद्धा रूपी भवानी और विश्वास रूपी शंकर की पूजा से मनुष्य के शरीर में भक्ति का संचार होता है इसलिए नवरात्रि में अपनी शक्ति के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को माता देवी भगवती की आराधना अवश्य ही करनी चाहिए। यहां यह उल्लेखनीय है कि राजेश्री महन्त जी महाराज अपने व्यस्ततम् समय में से कुछ न कुछ क्षण निकालकर वर्ष में दो बार शारदीय नवरात्र और वासंती नवरात्र में जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न स्थानों में विराजित माता भगवती के दर्शन के लिए निश्चित रूप से पधारते हैं, केवल यही नहीं वे श्रावणस में भी प्रत्येक शिवालय में जाकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना में भी शामिल होते हैं, उनके इस सरल स्वभाव एवं मिलनसारिता के कारण क्षेत्रवासी उनके प्रति श्रद्धा का भाव रखते हैं। देवी दर्शन के इस कार्यक्रम में राजेश्री महन्त जी महाराज के साथ जनपद सदस्य कमलेश सिंह, राधेलाल थवाईत, मनहरण थवाईत, गजानंद साहू, दीपक थवाईत, कृष्णा प्रजापति, भीम राठौर, सुकृत थवाईत, देवेश सिंह, कमलेश सिंह, इंग्लेश सिंह, अवधेश सिंह, देवी प्रसाद पांडे, रामकृष्ण कश्यप, रामअवतार कश्यप सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे।

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