Chhattisgarh

कोरबा रेत घाटों में 491 रुपए के बजाय 700 रुपये वसूल रहे हैं ठेकेदार,प्रशासनिक कार्यवाही का नही है डर, जिम्मेदार कौन प्रशासन या फिर ठेकेदार,पढ़े पूरी खबर

गणेश साहू विशेष संवाददाता

छत्तीसगढ़ INN24 न्यूज कोरबा : 15 अक्टूबर समाप्त होते ही रेत घाट शुरू हो गया है लेकिन रेत घाट संचालक शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से ज्यादा वसूली की जा रही है ताजा मामला मोती सागर रेत घाट का है जहां ट्रैक्टर मालिकों ने रॉयल्टी 700 रुपये लेने की शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रशासन द्वारा जारी मूल्य को प्रभावित नहीं करने की कड़ी चेतावनी दी है बावजूद रेतघाट में मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रहा है जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है उल्लेखनीय है कि रेतघाट में प्रति ट्रैक्टर निकलने वाले तीन घन मीटर रेत के एवज में लोड कराकर 491 रुपये का शुल्क लेकर रॉयल्टी पर्ची दिए जाने का प्रावधान है लेकिन यहाँ संचालन करने वाले ठेकेदार 491रुपये की जगह 700 रुपये की वसूली कर रहे हैं जिससे रेत का मूल्य बढ़ गया है वही 491रुपये में ट्रैक्टर में लोड करना है उसके लिए ट्रैक्टर द्वारा किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लेना है बावजूद ठेकेदारों की मनमानी चरम पर है प्रशासनिक निर्देशों की माने तो रेतघाट में ट्रैक्टर को लोड कराकर पर्ची देने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है लेकिन 700 रुपये वसूली के बाद भी उन्हें लोडिंग नही दी जा रहा है वही रेतघाट संचालक के बताए अनुसार प्रतिदिन 200 से 250 ट्रीप रेत प्रतिदिन जा रही है जिसमे लगभग 50 ट्रैक्टर से परिवहन हो रहा है जिसकी लोडिंग के लिए 12 से 18 लोग काम कर रहे है आप समझ सकते है कि जहाँ 50 ट्रैक्टर में लोडिंग होना है उसके लिए इतने कम लोगो के द्वारा लोडिंग कर पाना असंभव है यहाँ भी ठेकेदार की मनमानी सामने आयी है ऐसे में रेतघाट में रॉयल्टी 491 रुपये के बजाय 700 रुपये एवं स्वयं के अतिरिक्त ब्यय 200 रुपये लोडिंग का देने पर 900 रुपये खर्च करना पड़ जा रहा है। जिसके कारण रेत का मूल्य रेतघाट में ही 409 रुपया महंगा हो जाता है जिसके कारण रेत का मूल्य आम लोगों को अधिक चुकाना पड़ रहा है वही रेतघाट में मौजूद सुपरवाइजर सूरज टांडेकर के बताए अनुसार किसी भी प्रकार के अवैध वसूली नहीं होने की बात कही है।

रॉयल्टी का अवैध कारोबार फल फूल रहा

रेत घाट संचालक के इस पूरे कार्य में रॉयल्टी का बाजार भी फल फूल रहा है रेतघाटों से निकलने वाले रॉयल्टी पर मनचाहे ठेकेदार का नाम अंकित किया जा रहा है प्राइवेट रेत खरीदने वाले लोगों को रॉयल्टी नहीं दी जा रही है बल्कि इस रॉयल्टी के एवज में बड़ी रकम वसूली का भी षड्यंत्र फल फूल रहा हैं। जबकि प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार रॉयल्टी पर्ची में रेत खरीदने वाले का नाम व पता अंकित करना अनिवार्य है।

प्रतिदिन 1 लाख से भी अधिक रकम की अवैध वसूली

मोती सागर रेत घाट संचालक के बताए अनुसार प्रतिदिन 200 से ढाई सौ ट्रिप ट्रैक्टर रेत का परिवहन होता है यदि ठेकेदार के इस आंकड़े को पैमाना माना जाए और 409 रुपए का अतिरिक्त वसूली प्रति ट्रैक्टर से होती है तब इस आंकड़े के आधार पर प्रतिदिन लगभग 1 लाख रुपए से भी अधिक की अवैध वसूली इस घाट से की जा रही है।

अब देखना होगा कि रेत घाट संचालक की अवैध वसूली का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा या ठेकेदारों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गाज गिरेगी या फिर दूसरे घाट की तरह इस घाट को भी सील करते हुए कड़ी कार्यवाही की जाएगी यह तो कार्रवाई होने के बाद ही पता चल सकेगा।

 

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