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बेजुबान भाई ने कागज और कलम से बयां की बहन के साथ दरिंदगी की दास्तां.. इशारे से आरोपियों की पहचान कर दिलवाई फांसी की सजा.

दो दरिंदों के जुल्म से निशब्द हुए मासूम भाई नितिन की ‘चीखती’ गवाही ने आज अपनी बड़ी बहन को इंसाफ दिला दिया। हापुड़ में दो साल पहले 12 साल की बच्ची के साथ घर के दो नौकरों ने हैवानियत कर उसका कत्ल कर दिया था। वहां मौजूद छोटे भाई को भी गला रेतकर घायल कर दिया था। इस वारदात में छोटे भाई की जान तो बच गई, लेकिन वह अपनी आवाज खो बैठा। इस सबके बावजूद इस दरिंदगी का वह अकेला चश्मदीद था। अदालत में निशब्द भाई ने कागज-कलम और इशारे से गवाही देकर बर्बरता बयां की तो कोर्ट ने दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुना दी। हापुड़ के इतिहास में यह फांसी की पहली सजा है।

दो दोषियों को फांसी की सजा

विशेष लोक अभियोजक पोक्सो अधिवक्ता हरेन्द्र त्यागी के अनुसार हापुड़ अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश एवं विशेष न्यायधीश पोक्सो प्रथम अदालत में न्यायाधीश वीना नारायन ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। फैसले में बच्ची से गैंगरेप के बाद नृशंस हत्या और 10 साल के छोटे भाई की गर्दन काटने के आरोप में दो दोषी अंकुर तैली तथा सोनू उर्फ पव्वा को फांसी की सजा सुना दी गई, जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया गया। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता विकास त्यागी और मुकेश त्यागी ने भी मजबूत पैरवी की।

इन धाराओं में सजा

दोनों दोषियों को हत्या के प्रयास में आजीवन कारावास तथा दस हजार का अर्थ दंड, धारा 201 और 120 बी के तहत 7 साल की सजा तथा 7 हजार का अर्थ दंड, इसके अलावा धारा 394 के तहत आजीवन कारावास तथा 7 हजार का अर्थ दंड। इसके अलावा अदालत ने रेप तथा हत्या में दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा देते हुए कहा कि दोनों को जब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उनकी मौत न हो जाए।

यह था मामला

यूपी के हापुड़ में देहात थाना क्षेत्र के मोहल्ला फूलगढ़ी में 5 सिंतबर 2018 की दोपहर 12 साल की बहन के साथ आठ साल का नितिन स्कूल से घर आया था। उनकी मां पुष्पा दिल्ली गई हुई थी, जबकि पिता सानू यादव खेत पर थे। घर के ही दोनों नौकरों ने मासूम बच्ची के साथ गैंगरेप कर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव बोरे में बंदकर भूंसे में दबा दिया था। इसके बाद नितिन को गला रेत कर घायल कर दिया था। दोनों आरोपियों ने इसके बाद डकैती की अफवाह फैला दी थी।

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