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BREAKING : ट्रेड यूनियनों के रिटायर्ड नेताओं की हो गई छुट्टी.. संसद में सरकार ने पारित किया बिल.. जाने क्या है प्रावधान.

छत्तीसगढ़/कोरबा : एनटीपीसी, एसईसीएल, छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी और बालकों में गैर कर्मचारी व रिटायर्ड कर्मचारी ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारी अब नहीं बन पाएंगे इस संबंध में आज केंद्र सरकार ने औद्योगिक संबंध संहिता बिल 2020 संसद में पारित किया है। इस बिल के लागू होने से कई ट्रेड यूनियनों के नेताओं की बोरिया बिस्तर गुल हो गई है। इनमें श्रमिक संगठन इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी संजीवा रेड्डी, एच एन एस श्रमिक संगठन के नेता नाथूलाल पांडे, रेशम लाल यादव, एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार, प्रांतीय महामंत्री अविनाश सिंह, एम एल रजक, दीपेश मिश्रा, रामू चेट्टी, सीटू के राष्ट्रीय नेता डीडी रामानंदन श्री सोडी सहित अन्य शामिल है। वह श्रमिक संगठनों में उच्च पदों पर आसीन हैं। उन्हें अब ट्रेड यूनियन से पद छोड़ना पड़ेगा।

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केंद्र सरकार के नए बिल में यह प्रावधान है कि गैर कर्मचारी ट्रेड यूनियनों के पदीय पदाधिकारी नहीं बन पाएंगे जबकि उक्त नेता रिटायर्ड या फिर गैर कर्मचारी है और ट्रेड यूनियन में लंबे समय से वरिष्ठ पदों पर काबिज है। सरकार अब ट्रेड यूनियनों को उन्हें मान्यता देगी जिनमें कर्मचारी पदाधिकारी होंगे।

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गैर कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मी ट्रेड यूनियन में शामिल होते हैं तो उसे मान्यता नहीं दी जाएगी। ट्रेड यूनियन नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार ने कोरोना काल में बिल को पारित किया है। कोरोना काल इसे पारित ना करके पहले चर्चा करनी चाहिए थी। महत्वपूर्ण बात यह है कि देश में भारतीय मजदूर संघ ऐसा पहला ट्रेड यूनियन है जिसमें पदाधिकारी कर्मचारी शामिल है। गैर कर्मचारियों को संगठन में स्थान नहीं मिलता है।

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