Chhattisgarh

सफलता की कहानी.. डेयरी व्यवसाय से योगेश का जीवन संवरा.. 140 लीटर दुध उत्पादन से 30 हजार रूपये प्रतिमाह की आमदनी.

रिपोर्ट : आशीष अग्रवाल

छत्तीसगढ़/जांजगीर-चांपा : जिले के विकासखंड सक्ती निवासी स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण श्री योगेश देवांगन सफल डेयरी व्यवसायी के रूप मे पहचाने जाते हैं। इस व्यवसाय से उनकी बेरोजगारी दूर हो गई और उनका जीवन संवर गया है। उन्होंने राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता योजना का लाभ लेकर अपने डेयरी व्यवसाय प्रारंभ कर 30 हजार रूपये प्रतिमाह की आमदनी ले रहें हैं। राज्य सरकार के पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता योजना से दुध उत्पादन को बढ़ावा मिला है। युवा वर्ग को रोजगार का बेहतर अवसर मिल रहा है।

पशुधन विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री देंवागन पढ़े- लिखे बेरोजगार नवयुवक थे। नौकरी नही लग पाने से वे काफी निराश एवं भविष्य के प्रति काफी चिंतित थे। अपनी बेरोजगारी को देखते हुये कुछ निजी व्यवसाय करने की ठानी। एवं डेयरी पालन अपनाने का दृढ निश्चय कर पशुधन विकास विभाग से संपर्क कर राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता योजना की जानकारी ली। योजना के तहत डेयरी व्यवसाय के लिए 12 लाख रूपयें की के ऋण के लिए आवेदन विभाग के माध्यम से बैंक आफ बडौदा शाखा सक्ती मे जमा किया। पात्रता अनुसार ऋण स्वीकृत किया गया।

श्री देवांगन द्वारा ऋण की राशि से 15 उन्नत नस्ल के दुधारु गाय, मवेशी कोठा का निर्माण, बोर खनन एवं वर्मी टैंक का निर्माण कर डेयरी प्रारंभ किया। वर्तमान मे उनके डेयरी फार्म मे लगभग 140 लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है। जिसे वह स्थानीय बाजार मे बिक्री कर लगभग 30,000 रूपयें प्रतिमाह आमदनी अर्जित कर रहा है। इनके फार्म से एक परिवार को रोजगार भी मिला है। पशुधन विकास विभाग द्वारा डेयरी फार्म में पशुओं को चिकित्सा सुविधा, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण आदि की सेवायें योजना के तहत निःशुल्क उपलव्ध कराया जा रहा है। श्री देवांगन अपने फार्म का विस्तार कर उन्नत नस्ल की 50 गायें रखने की तैयारी कर रहें हैं। इससे असकी आमदनी में भी वृद्धि होगी।

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