Chhattisgarh

शासकीय जमीन की खरीदी बिक्री मामले में रजगामार पटवारी ने किया बड़ा खुलासा.. जमीन की खरीदी एवं कब्जा को लेकर मिली बड़ी अनियमित्ता.. पढ़े पूरी खबर.

विशेष संवाददाता : गणेश साहू

छत्तीसगढ़/कोरबा : शासकीय जमीन की खरीदी बिक्री की लगातार शिकायत मिलने पर कोरबा तहसीलदार के आदेश पर ग्राम रजगामार में जाँच कर रही हल्का पटवारी आरती प्रसाद ने जाँच में बड़ा खुलासा किया है जिसमे पटवारी, सत्यनारायण मिश्रा एवं उनकी पत्नी सीता देवी के द्वारा रिकॉर्ड एवं नक्शे में हेरफेर करते हुए जमीन विक्रय करना सही पाया है जिसकी जानकारी पटवारी द्वारा जल्द ही तहसीलदार को सौप दी जाएगी।

आपको बता दे कि ग्राम रजगामार के ग्रामीणों एवं आदिवासी समाज ने पूर्व पटवारी दामोदर प्रसाद तिवारी एवं सत्यनारायण मिश्रा के विरुद्ध कलेक्टर जनदर्शन में 20 फरवरी 2020 को लिखित शिकायत किया था कि दोनों ने मिलकर शासकीय जमीन की कूटरचना एवं गलत नजरी नक्शा तैयार कर 3-3 डिसमिल के 4 प्लाट बनाकर जमीन की खरीदी बिक्री किया है। ग्रामीणों की शिकायत पर कोरबा तहसीलदार ने जाँच करने का आदेश दिया था जिस पर ग्राम रजगामार की वर्तमान पटवारी आरती प्रसाद द्वारा आज स्थल जाँच किया जिसमें पटवारी ने पाया कि सत्यनारायण मिश्रा एवं पटवारी दामोदर प्रसाद तिवारी ने जिस जमीन को सीता देवी की जमीन 123/1/ङ बताकर बिक्री किया गया है एवं क्रेताओं द्वारा जहाँ निर्माण कराया गया है वह SECL द्वारा रेल लाईन के लिए अधिग्रहित की गई जमीन है जहाँ पूर्व में रेल लाईन भी बिछी हुई थी वही बगल में SECL द्वारा पानी टंकी भी बनाया गया है जो कि अभी भी बना हुआ है।

पूर्व में भी सत्यनारायण मिश्रा की पत्नी सीता देवी द्वारा सन 2014-15 में रजगामार निवासी रामदेव पटेल को खसरा नंबर 123/1/ङ रकबा 6 डिसमिल बेची गई थी वह जमीन भी खसरा नंबर 123/1/ङ के अंतर्गत नही पाया गया जिसका पटवारी द्वारा मौके पर ही ग्रामीणों के समक्ष पंचनामा तैयार किया गया जिसे पटवारी द्वारा तहसीलदार कोरबा सुरेश साहू को सौपाने की बात कही है साथ ही पटवारी एवं ग्रामीणों ने खसरा नंबर 123/1/ङ की भूमि को संयुक्त टीम बनाकर जल्द से जल्स सीमांकन करने की आवश्यकता होने की बात भी कही है ताकि लोगो को सच्चाई का पता चल सके।

सूचना मिलने पर भी सत्यनारायण मिश्रा नही पहुँचा रजगामार

पटवारी द्वारा जाँच में उपस्थित होने भेजे गए सूचना पत्र के मिलने के बाद भी सत्यनारायण मिश्रा एवं उनकी पत्नी सीतादेवी जाँच के दौरान जाँच स्थल में नही पहुँचे।कुछ लोगो का यह भी कहना था कि अगर सत्यनारायण मिश्रा सही है और उसकी जमीन है तो फिर जाँच में उपस्थित क्यो नही हुआ इससे यह स्पष्ट है कि सत्यनारायण मिश्रा के ऊपर लग रहे इल्जाम सही है जिसका पर्दाफाश होना जरूरी है।

सत्यनारायण मिश्रा खुद ही करता है जमीन का नाप जोक

सत्यनारायण मिश्रा से जमीन खरीदने वाले एक सख्स ने बताया कि जब हम लोग जमीन खरीदी किये थे तब खुद सत्यनारायण मिश्रा ने हमे जमीन नापकर दिया था और उसी के बताए अनुसार कब्जा किये है और मकान भी बनाये है।

अब देखने वाली बात यह होगा कि राजस्व विभाग इस मामले पर किस तरह की कार्यवाही करती है और कितनी जल्दी सीमांकन टीम गठित कर इस मामले का पर्दाफाश करेगी यह तो कार्यवाही होने के बाद ही पता चल पायेगा।

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