Chhattisgarh

कुसमुंडा खदान से दूषित पानी हसदेव नदी में बहाया.. जाँच के बाद भी नहीं की जा रही कार्यवाही.. लापरवाही का सिलसिला लगातार जारी.

रिपोर्ट : ओम गभेल

छत्तीसगढ़/कुसमुंडा : एसईसीएल के कुसमुंडा खदान से दूषित पानी सीधे हसदेव नदी में प्रवाहित की जा रही है इसके अलावा कोल यार्ड में समुचित व्यवस्था नहीं किये जाने से प्रदूषण हो रहा है । छत्तीसगढ़ पर्यावरण सरक्षण मंडल रायपुर के एक टीम ने इसकी जाँच की है । जाँच की प्रतिवेदन क्षेत्रीय अधिकारी कोरबा को भेजा गया है । साथ ही उचित कार्यवाही करने का आग्रह किया गया है लेकिन क्षेत्रीय अधिकारी ने जाँच प्रतिवेदन प्राप्ति के एक माह बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की है इससे कुसमुंडा खदान से दूषित पानी हसदेव नदी में प्रवाहित की जा रही है ।

छत्तीसगढ़ शासन को इस बात की शिकायत मिली थी कि एसईसीएल कुसमुंडा खदान से दूषित पानी सीधे हसदेव नदी में प्रवाहित की जा रही है इस शिकायत के आधार पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल रायपुर ने दो सदस्यों की टीम जाँच हेतु नियुक्त किया है जिसमे नोडल अधिकारी पर्यावरण सिद्धार्थ शर्मा प्रोजेक्ट इंजिनियर बीएस कुर्रे शामिल किये गए ।

दल ने जाँच के बाद पर्यावरण संरक्षण मंडल कोरबा के क्षेत्रीय अधिकारी को 18 जून को निरीक्षण प्रतिवेदन भेजा पत्र में एसईसीएल कुसमुंडा खदान के विरुद्ध उचित कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया साथ ही हसदेव नदी को प्रदुषण मुक्त किये जाने की बात कही गयी थी । क्षेत्रीय अधिकारी ने इस दिशा में किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं किया और न ही प्रदूषण रोकने के लिए कोई पहल नही किया । क्षेत्रीय अधिकारी के इस उदासीनता का फ़ायदा उठाकर कुसमुंडा खदान के अधिकारी दूषित पानी हसदेव नदी में प्रवाहित कर रहे है इसके अलावा कोयला परिवहन कार्य बिना तिरपाल के ढककर नहीं किया जा रहा है इसके अलावा कोल स्टॉक में लगे आग को बुझाने का प्रयास भी नही किया जा रहा है खदान में नाली निर्माण भी नहीं किया गया है जिससे दूषित पानी खदान में घुस रही है ।

 

 

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