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अनुच्छेद 370 हटने की पहली वर्षगांठ पर बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं आतंकी..

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन की पहली वर्षगांठ को लेकर सुरक्षा अमले को भी अलर्ट कर दिया गया है। पांच और 15 अगस्त के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। आतंकवाद प्रभावित जिलों और इलाकों में सुरक्षाबलों को पहले ही अलर्ट पर रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक देश विरोधी और शरारती तत्व पांच अगस्त को माहौल खराब कर सकते हैं। बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही जम्मू से आतंकी संगठन लश्कर का मददगार गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर आतंकी संगठन किसी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं। इसके अलावा राजोरी, किश्तवाड़, पुंछ और जम्मू के कुछ इलाकों में शरारती तत्व माहौल खराब कर सकते हैं। एक पुलिस अफसर ने बताया कि 15 अगस्त से पहले उनके लिए पांच अगस्त एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए पुलिस अपने स्तर पर तैयारी कर चुकी है।

सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पांच अगस्त से पहले आतंकी संगठनों की ओर से कश्मीर में पाकिस्तान की शह पर कई वारदातें अंजाम दी जा सकती हैं। इसमें खासकर नेताओं व पंचायत प्रतिनिधियों पर हमले किए जा सकते हैं। पुलिसकर्मियों को अगवा कर उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए धमकाया जा सकता है। इसके साथ ही कश्मीरी पंडितों व अन्य बाहरियों को धमकी दी जा सकती है। सुरक्षा प्रतिष्ठानों और सुरक्षाबलों पर हमले की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान यह सब इसलिए करवाएगा ताकि वह दुनिया को बता सके कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में बहुत कुछ नहीं बदला है। इससे पहले भी वह कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर 370 हटाने का विरोध दर्ज करा चुका है। सबसे ज्यादा संवेदनशील दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर है।

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