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पाली: चार वर्षीय बच्चे की ट्रेक्टर की ठोकर से मौत… अस्पताल ने बिना पोस्टमार्टम सौंप दिया शव… परिजनों ने भी कर दिया कफ़न-दफन… आज कब्र की खुदाई कर बाहर निकाली गई बच्चे की लाश.. आरोपी ड्राइवर पर मामला भी दर्ज.

RN Rajak INN24

बिलासपुर के एक निजी अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है. अस्पताल ने एक चार वर्षीय मृत बच्चे के अश्व परिजनों को बिना पोस्टमार्टम ही सौंप दिया जबकि उसकी मौत ट्रेक्टर की ठोकर की वजह से हुई थी. इतना ही नही बल्कि परिजन भी बच्चे का शव लेकर घर पहुंच गए और पूरी रीति नीति से उसका कफ़न दफन भी कर दिया. इसकी सूचना जैसे ही पाली पुलिस को मिली उन्होंने तहसीलदार को मामले से अवगत कराया. आज तहसीलदार प्रांजल मिश्रा की मौजूदगी में बच्चे के लाश को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया गया. पाली पुलिस ने मामले में मर्ज कायम करते हुए आरोपी ट्रेक्टर ड्राइवर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामला दर्ज कर लिया है. इस हैरान कर देने वाले मामले में पाली के एक निजी अस्पताल की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे है. सवाल यह कि अगर मामला एक्सिडेंटल था तो इसकी सूचना पुलिस को क्यो नही दी गई? क्या मृत बालक के परिजनों पर आरोपी ड्राइवर ने किसी तरह का दबाव बनाया था या फिर उन्हें मामले को दबाने के लिए प्रलोभन दिया गया था. बहरहाल पुलिस अब आरोपी चालक से पूछताछ कर रही है.

दरअसल बीते 19 जुलाई को पाली थाना क्षेत्र के बाँधाखार गांव में चार वर्षीय युध्द कुमार को ट्रेक्टर ने अपनी चपेट में ले लिया था. घटना के तत्काल बाद उसे गंभीर हालत में पाली के सीएचसी लाया गया. बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे अन्य अस्पताल रैफर कर दिया. इसके पश्चात परिजन उसे पाली के ही एक निजी विनायक अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन उन्होंने भी बच्चे को बिलासपुर के एक निजी क्लिनिक रिफर कर दिया. लेकिन यहां देर रात करीब 10 बजे चार वर्षीय युद्ध कुमार ने दम तोड़ दिया. अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना सिविल लाइन थाने को दी थी पर आरोपी ट्रेक्टर ड्राइवर के कहने पर परिजन बच्चे के शव को बिना पोस्टमार्टम के ही वापिस बाँधाखार ले आये.

यहां अगले दिन यानी 20 जुलाई को परिजनों ने युद्ध कुमार का कफन दफन पूरा कर लिया और आरोपी ड्राइवर भी वापिस लौट गया. पर इसी बीच किसी ने इसकी सूचना पाली पुलिस को दे दी. खबर आम हुई तो तहसीलदार सदल बल मौके पर पहुंचे और फिर कब्र की खुदाई कर शव को बाहर निकलवाया. प्रशासन ने शव के पोस्टमार्टम के बाद परिजनो को पुनः सौंप दिया.

इन पूरे मामले में पाली और बिलासपुर के निजी चिकित्सालय की घोर लापरवाही सामने आई है. उन्होंने बिना पोस्टमार्टम और पुलिस के वैधानिक कार्रवाई के पहले ही मृत बच्चे के शव को क्यों परिजनों को सौंप दिया? दूसरा बड़ा सवाल की जब मामला सड़क दुर्घटना में हुई मौत से जुड़ा हुआ था तो फिर पाली के चिकित्सालय ने इसकी सूचना पाली पुलिस को क्यों नहीं दी?

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